प्यार किया तो छोड़के जाना जरूरी था क्या
सपना दिखाकर तोड़ना मजबूरी था क्या
हीर रांझे की दी हुई कसमे भी फर्जी था क्या
वक़्त और समझौता के हवाला देकर
प्यार का नया ताज पहनना जरूरी था क्या।
प्यार किया तो छोड़के जाना जरूरी था क्या।
By- lalan raj
प्यार किया तो छोड़के जाना जरूरी था क्या
सपना दिखाकर तोड़ना मजबूरी था क्या
हीर रांझे की दी हुई कसमे भी फर्जी था क्या
वक़्त और समझौता के हवाला देकर
प्यार का नया ताज पहनना जरूरी था क्या।
प्यार किया तो छोड़के जाना जरूरी था क्या।
By- lalan raj

रूठना खफा रहना ये वफा नही होती
चाहतों में लोगो से क्या खता नही होती
सबको एक जैसा क्यू समझने लगते हो
क्योंकि सारी दुनिया तो बेवफा नहीं होती
हर किसी से यारी हर किसी से वायदे
प्यार करने वालो में ये अदा नहीं होती
बे-नकाब चेहरे भी एक हिजाब रखते है
सिर्फ सात परिंदो में तो हया नही होती
सबकुछ खो दिया उसके प्यार में हमने
क्या ये भी चाहत की इंतेहा नही होती💯🙃