Pyar v bahut ajeeb aa,
jis insaan nu paayea v naaa howe
us nu v khohan da darr lageyaa rehnda
ਪਿਆਰ ਵੀ ਬਹੁਤ ਅਜੀਬ ਆ,
ਜਿਸ ਇਨਸਾਨ ਨੂੰ ਪਾਇਆ ਵੀ ਨਾ ਹੋਵੇ,
ਉਸ ਨੂੰ ਵੀ ਖੋਹਣ ਦਾ ਡਰ ਲੱਗਿਆ ਰਹਿੰਦਾ।❤❤
Pyar v bahut ajeeb aa,
jis insaan nu paayea v naaa howe
us nu v khohan da darr lageyaa rehnda
ਪਿਆਰ ਵੀ ਬਹੁਤ ਅਜੀਬ ਆ,
ਜਿਸ ਇਨਸਾਨ ਨੂੰ ਪਾਇਆ ਵੀ ਨਾ ਹੋਵੇ,
ਉਸ ਨੂੰ ਵੀ ਖੋਹਣ ਦਾ ਡਰ ਲੱਗਿਆ ਰਹਿੰਦਾ।❤❤
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे तेरी मर्जी के मुताबिक नज़र आयें कैसे घर सजाने का तसव्वुर तो बहुत बाद का है पहले ये तय हो की इस घर को बचाएं कैसे क़हक़हा आँख का बर्ताव बदल देता है हंसने वाले तुझे आंसू नज़र आयें कैसे कोई अपनी ही नज़र से तो हमें देखेगा एक कतरे को समंदर नज़र आयें कैसे लाख तलवरे झुकी अती हो गरदन की तरफ सर झुकाना नहीं आता तो झुकाएं कैसे
कुछ लोग सुधर नहीं सकते हैं
हर किसी के बारे में बुरा ही बकते है
इन्हे किसी दूसरे की तारीफ करना आता नहीं हैं
इन्हे अपने खून के अलावा(सग्गे रिश्ते ) और कोई भाता नहीं हैं
यह लोग खुदको भगवान समझते हैं
भगवन खुद इन्हे शैतान समझते हैं
यह लोग इनके सग्गे रिश्तों में भी आग लगा देते हैं
अच्छे खासे परिवार में दाग लगा देते हैं
इनकी सोच ज़मीन में और सिर आसमान में रहता हैं
इन्हे कदर घर के बेटे की नहीं बल्कि उसकी है जो विदेश में बैठा हैं
यह लोग किसी दुसरे को आगे बढ़ता देख नहीं पाएंगे
अगर कोई आगे बढ़ गया तो यह चैन से बैठ नहीं पाएंगे
दुसरो को बुरा खुदको अच्छा दिखाना ही इन्हे सिर्फ आता हैं
इन्हे अपने खून के अलावा और कोई नहीं भाता हैं
इनमे कोई कमी नहीं ऐसा इनको लगता है
गिने चुने लोगो के अलावा इन्हे हर कोई खटकता है
किसी के लिए कुछ अच्छा ये कर नहीं सकते हैं
इन्हे जो पसंद है उसे सिर पर चढ़ा सकते हैं
लेकिन इनके पैर दबाने वालो को यह पैर तक ही रखते हैं
कुछ लोग कभी सुधर नहीं सकते हैं ।