Pyar vo nahi jisme attitude aur ego ho
pyar toh vo hai jisme ek roothne
me expert ho to dusra manane me perfect hoप्यार वो _नही जिसमे #Attitude और #Ego हो,
प्यार _तो वो है #जिसमें _एक रूठने
मे #Expert हो तो #दूसरा मनाने में #Perfect हो..
Pyar vo nahi jisme attitude aur ego ho
pyar toh vo hai jisme ek roothne
me expert ho to dusra manane me perfect hoप्यार वो _नही जिसमे #Attitude और #Ego हो,
प्यार _तो वो है #जिसमें _एक रूठने
मे #Expert हो तो #दूसरा मनाने में #Perfect हो..
दिवाली पर पापा को बोनस मिलता था तनख्वाह थोड़ी ज्यादा आती थी सबको मालूम था दिवाली पर भी नए कपड़े लेने के लिए पैसे गिनकर मिलते थे कोई अगर बीमार हो जाए तो वो नए कपड़े भी कैंसल हो जाते थे। बचपन से ही एडजस्ट करने की आदत लग जाती है ये आदत अच्छी हो होती है पर कभी कभी बुरी भी होती है। धीरे धीरे बड़े हुए तो पता था मम्मी पापा को कुछ बनकर दिखाना है ये ख्वाब साथ लेकर चला पर बाहर निकले घर से तो ये पता चला कि जो मेरा ख्वाब है वही सबका भी ख्वाब था सबको अपनी जिंदगी में मेरी तरह ही कुछ करना था। जैसे तैसे एक नौकरी लगी वो भी मेरी पसंद की नही थी पर पापा का हाथ बंटाने के लिए भी तो कुछ करना था अपने दिल को समझकर वो नौकरी कर ली मुझे नौकरी लगी ये सुनकर मम्मी पापा दोनो खुश हो जाए पापा की आखों से तो आंसू ही आ गए आंखो से निकलते आंसू भी उस दिन मुझसे बात कर रहे थे मानो वो ये कह रहे थे की अब मेरे कंधो का थोड़ा बोझ कम हुआ मेरे साथ कोई कमाने वाला आ गया। उस दिन से मैंने वो नौकरी ज्वाइन कर ली और उसकी भी आदत सी पड़ गई।
Noor mein basarat teri ,
Jha chalu vha hasarat teri.
Har duaa mein tu sirkat kre ,
Jab chaahe tu Quismat likhe.
Naa koi reet na rivaaz hai tere,
Bas jha chade vha ahesas hai tere.
Kam se kam hai nishani tere,
Par hum ensaan bhi toh dete hai gavaahi teri.