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Qalb || Ghazal || hindi poetry

कितने गुज़र गए ज़माने यूँ ज़ख्म खाने में,
बडा वक़्त लगाते हो यार मरहम लगाने में.

दासबर्दार तेरे इश्क़ में आशनाई गवा बैठे,
बावर्णा दिल-खवा अपने भी थे ज़माने में.

जो क़ल्ब परोसता है ग़ज़लों में बेदिली से मुसाहिब,
मुझे भी तोह सुना कोनसा ग़म है तेरे अफ़साने में.

मेरा ग़म कौन जाने मैं पौधा ही जानू हिज्र-ए-गुल,
बीस दिन लगते है अशर कली को फूल बनाने में…

Title: Qalb || Ghazal || hindi poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Me ishqe di peeng || punjabi kavita

जदो दी फड़ी ओहने
मेरी कलाई
मै अपना आप
गवा आयी हाँ
टूट गयी मेरी
कंच दी वंग
पर मैं फेर
भी हथ छुड़ा
आयी हाँ

भज दी दी
मेरी खुल गई
पज़ेब
मै निशानी बाज
ओनु फड़ा
आयी हाँ

जालिम किता
जादू ऐसा
मैं दिल अपना
ओहदे ते लुटा
आयी हा

मैं इश्के दी पींग
चढ़ा आयी हां
मैं इश्के दी पींग
चढ़ा आयी हाँ..हर्ष✍️

Title: Me ishqe di peeng || punjabi kavita


Heer di gal

ਦਰਗਾਹ ਤੇ ਜਿਵੇਂ ਪੀਰ ਦੀ ਗੱਲ 

ਮੇਰੀ ਲਿਖ਼ਤਾਂ ਵਿਚ ਜਿਵੇਂ ਹੀਰ ਦੀ ਗੱਲ 

ਕੇਹੜੇ ਪਾਸੇ ਖੋਰੇ ਏਹ ਜਮਾਨਾਂ 

ਮੇਰੇ ਪਾਸੇ ਬੱਸ ਇਸ਼ਕ ਅਖੀਰ ਦੀ ਗੱਲ 

 

ਆਸ਼ਿਕਾਂ ਦਾ ਮਾਨ ਮੈਂ ਰਖਿਆ 

ਫੇਰ ਕਿਤੀ ਇਸ਼ਕ ਦੂਰ ਦੀ ਗੱਲ 

– Guru Gaba

Title: Heer di gal