Qubool kar khuda, zaroorat tujhe bhi hai,
Mein muthi bhar tere liye bhi duayein laya hun…
कबूल कर खुदा, जरूरत तुझे भी है,
मैं मुट्ठी भर तेरे लिए भी दुआएं लाया हूं…
Qubool kar khuda, zaroorat tujhe bhi hai,
Mein muthi bhar tere liye bhi duayein laya hun…
कबूल कर खुदा, जरूरत तुझे भी है,
मैं मुट्ठी भर तेरे लिए भी दुआएं लाया हूं…
Tum julam karti raho
Ham seh lenge
Tumahre dil me rehne ki umar kaid ho jaye
ham reh lainge
तूम जुलम करती रहो
हम सह लेंगे,
तुम्हारे दिल में रहने की उम्र कैद हो जाऐ
हम रह लेंगे
कुछ लोग सुधर नहीं सकते हैं
हर किसी के बारे में बुरा ही बकते है
इन्हे किसी दूसरे की तारीफ करना आता नहीं हैं
इन्हे अपने खून के अलावा(सग्गे रिश्ते ) और कोई भाता नहीं हैं
यह लोग खुदको भगवान समझते हैं
भगवन खुद इन्हे शैतान समझते हैं
यह लोग इनके सग्गे रिश्तों में भी आग लगा देते हैं
अच्छे खासे परिवार में दाग लगा देते हैं
इनकी सोच ज़मीन में और सिर आसमान में रहता हैं
इन्हे कदर घर के बेटे की नहीं बल्कि उसकी है जो विदेश में बैठा हैं
यह लोग किसी दुसरे को आगे बढ़ता देख नहीं पाएंगे
अगर कोई आगे बढ़ गया तो यह चैन से बैठ नहीं पाएंगे
दुसरो को बुरा खुदको अच्छा दिखाना ही इन्हे सिर्फ आता हैं
इन्हे अपने खून के अलावा और कोई नहीं भाता हैं
इनमे कोई कमी नहीं ऐसा इनको लगता है
गिने चुने लोगो के अलावा इन्हे हर कोई खटकता है
किसी के लिए कुछ अच्छा ये कर नहीं सकते हैं
इन्हे जो पसंद है उसे सिर पर चढ़ा सकते हैं
लेकिन इनके पैर दबाने वालो को यह पैर तक ही रखते हैं
कुछ लोग कभी सुधर नहीं सकते हैं ।