
Akhan khulliyan na dekh dekh thakkde
Dite khud nu dilase tere aun de
Tenu milne di umeed haan asi rakhde..!!

हर वक्त एक अंजान साया सा, मेरे पास घूमता रहता है..
मेरे दिल से जुडा है वो शायद, मेरी रूह चूमता रहता है..
बताता नहीं है मुझको कुछ, और ना मुझसे कुछ कहता है..
मेरी मर्जी हो या ना हो मगर, शागिर्द बना वो रहता है..
दिन और रात वो बस मेरे, आगोश में पलता रहता है..
मैं चाहुं या फिर ना चाहुं, मेरे साथ वो चलता रहता है..
हर खुशी बांटता है मेरी, हर गम मेरे संग सेहता है..
आखिर साया है ये किसका, ये सवाल जहन में रहता है..
Kehndi apne alfaza vich na mera zikr kreya kar,
Mein khush haan evein na mera fikr kreya kar
Apne dowaa di kahani nu akhra vich na jadeya kar,
Likh likh yaadan nu injh Na kitaba bhareya kar💔
ਕਹਿੰਦੀ ਆਪਣੇ ਅਲਫ਼ਾਜ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਨਾ ਮੇਰਾ ਜਿਕਰ ਕਰਿਆ ਕਰ,
ਮੈਂ ਖੁਸ਼ ਹਾਂ ਐਵੇਂ ਨਾ ਮੇਰਾ ਫਿਕਰ ਕਰਿਆ ਕਰ…
ਆਪਣੇ ਦੋਵਾਂ ਦੀ ਕਹਾਣੀ ਨੂੰ ਅੱਖਰਾਂ ਵਿੱਚ ਨਾ ਜੜਿਆ ਕਰ,
ਲਿਖ-ਲਿਖ ਯਾਦਾਂ ਨੂੰ ਇੰਝ ਨਾ ਕਿਤਾਬਾਂ ਭਰਿਆ ਕਰ…💔