raat kyu tu udaas hai
kush pal thehar fir subaah ki aas hai
रात क्यों तू उदास है
कुछ पल ठहर फिर सुबह की आस है
raat kyu tu udaas hai
kush pal thehar fir subaah ki aas hai
रात क्यों तू उदास है
कुछ पल ठहर फिर सुबह की आस है
Kismat buri c ja me hi bura
eh faisla na ho sakeya
me har kise da ho gya
koi mera na ho sakeya
ਕਿਸਮਤ ਬੁਰੀ ਸੀ ਜਾਂ ਮੈਂ ਹੀ ਬੁਰਾ
ਇਹ ਫੈਸਲਾ ਨਾ ਹੋ ਸਕਿਆ
ਮੈਂ ਹਰ ਕਿਸੇ ਦਾ ਹੋ ਗਿਆ
ਕੋਈ ਮੇਰਾ ਨਾ ਹੋ ਸਕਿਆ
चुप रह कर, ये क़माल देखने लगा
उस शिकारी का,ज़ाल देखने लगा
उसने कहा, देखो आ गया समंदर
और मैं अपना, रुमाल देखने लगा
पहले उसने मेरा सर रखा,कंधे पर
फिर वो भीगे हुए,गाल देखने लगा
इसको नया इश्क़,मंज़ूर ही कहां है
दिल फिर पुराना,साल देखने लगा
याद आ गए,फिर उसके गाल मुझे
मैं होली में जब,गुलाल देखने लगा
और जब निवाला देकर,ली फोटो
मुस्कुरा के मैं, हड़ताल देखने लगा