raat kyu tu udaas hai
kush pal thehar fir subaah ki aas hai
रात क्यों तू उदास है
कुछ पल ठहर फिर सुबह की आस है
Enjoy Every Movement of life!
raat kyu tu udaas hai
kush pal thehar fir subaah ki aas hai
रात क्यों तू उदास है
कुछ पल ठहर फिर सुबह की आस है
Akhir kab khtm hongi
Yeh Teri meri majburiyaa
Kab saath honge ham
Hatho me hath liye
Mit jayegi sari dooriyaa
मौसम बदल रहा है, राहें बदल रही हैं,
हवाओं का रुख तो देखो के सांसें बदल रही है,
बदल रहे हैं चेहरे और तस्वीरें बदल रही हैं,
दुआओं में शरीक नहीं पर तकदीरें बदल रही हैं,
बदल रही है नींदें और रातें बदल रही हैं,
करवटों से ज़्यादा अब बातें बदल रही हैं,
छिन जाएगा सबकुछ गर यादें बदल रही हैं,
हवाओं का रुख तो देखो के सांसें बदल रही है...