raat kyu tu udaas hai
kush pal thehar fir subaah ki aas hai
रात क्यों तू उदास है
कुछ पल ठहर फिर सुबह की आस है
Enjoy Every Movement of life!
raat kyu tu udaas hai
kush pal thehar fir subaah ki aas hai
रात क्यों तू उदास है
कुछ पल ठहर फिर सुबह की आस है
मेरी अपनी उदासी मेरी अपनी कहानी
मेरे हाथो बरबाद मेरी अपनी जवानी
गम ए उल्फत की हर एक रात है
सुनो तो बताऊं मेरे पास हजारों बात है
दिल कुछ यूं भी नही है अब किसी से बाते करने का
कोई नही है दुनिया में जिसे अफसोस होगा मेरे मरने का
कहानी मेरी को कुछ यूं भुला दिया गया
मैं जिंदा था फिर भी मुझे जला दिया गया💔💯
Fursat Nahi Unhe Humse Kuch Batein Karne Kee,
Isliye Ab Har Waqt Khamosh Rehte Hain!