raat kyu tu udaas hai
kush pal thehar fir subaah ki aas hai
रात क्यों तू उदास है
कुछ पल ठहर फिर सुबह की आस है
raat kyu tu udaas hai
kush pal thehar fir subaah ki aas hai
रात क्यों तू उदास है
कुछ पल ठहर फिर सुबह की आस है
Akhan vich hanju v nahi te dilon asin khush v nahi
kahda hak jamaiye ve sajjna asin hun tere kuchh nahiਅੱਖਾਂ ਵਿੱਚ ਹੰਜੂ ਵੀ ਨਹੀ ਤੇ ਦਿਲੋ ਅਸੀ ਖੁਸ਼ ਵੀ ਨਹੀ
ਕਾਹਦਾ ਹੱਕ ਜਮਾਈਏ ਵੇ ਸੱਜਣਾ ਅਸੀ ਹੁਣ ਤੇਰੇ ਕੁਛ ਵੀ ਨਹੀ
सफर जारी है मंज़िल को पाने की।
जंग से लड़ना ही रीत है जहां की।।
बैठे रहने से कुछ भी नसीब नहीं ।
नसीब के भरोसे अकर्मण्यों ने ज़िन्दगी जियी।।
कर पूजन कर्म का तू।
मन में रख कर हौंसला । ।
हौंसला यदि हो बुलन्द।
तय होगा हर फासला।।
ज़िन्दगी समय से है , समय ही ज़िन्दगी ।
यूं न जाने दो समय को , नहीं मिलेगी कोई ख़ुशी।।
कर हर काम समय पर , ज़िन्दगी तुम्हे आसमान पर ला देगी ।
सफलता की सीढिया कदमों पर झुका देगी।।
लड़ो ज़िन्दगी की हर एक जंग से ।
न हारो वक़्त रूपी तुरंग से।।
पल पल अनमोल है ज़िन्दगी की ।
केवल परिश्रम हो तो मिलेगी हर ख़ुशी।।
मंज़िल को पाना आसान नहीं ।
पर मंज़िल को ही छोड़ देना हल नहीं । ।
पार कर राहों के कांटो को ।
बढ़ते रहो मंज़िल की ओर।।