Lehje mai teri yeh baat hai…
Jaise koi suhani barsat hai…
Tere tarike ke kayal hai sada…
Yeh kya haseen ehsas hai…❤️
लहजे में तेरी यह बात है…
जैसे कोई सुहानी बरसात है…
तेरे तरीके के कायल है सदा
यह क्या हसीन एहसास है…❤️
हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला
मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला
कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला
एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला
तरुण चौधरी