Enjoy Every Movement of life!
कुछ नहीं है बात में, ये बात चुभती भी तो है,
भोर की पहली किरण भी सांझ में ढलती तो है,
उड़ता हूं मैं बाज़ सा आसमां की उस ऊंचाई में,
जिस तेज ताप पर, थोड़ी हवा चलती तो है,
गिरता हूं मैं उठता हूं कभी धरती कभी अंगड़ाई पे
जिंदगी भी दर बदर पर, जिंदगी चलती तो है,
बात इतनी ही नहीं के कायदे भी अब रो रहे,
सर झुका कर चलती दुनिया देख खलती भी तो है...
Tu badleya
jag badaleya
asi na badle
baki sabh badal gya
ਤੂੰ ਬਦਲਿਆ,
ਜਗ ਬਦਲਿਆ,
ਅਸੀ ਨਾ ਬਦਲੇ,
ਬਾਕੀ ਸਭ ਬਦਲ ਗਿਆ ☺️
