Enjoy Every Movement of life!
बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
मेरी जो कुछ भी बची है वो,
उम्मीदों को संभाल कर रखना।
माना थोड़ी जिद्दी हूं मैं,
तुम मेरी जिद्द को पूरा करना।
बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
