ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना
Thaam loon tera hath is kadar ki sansein juda na ho 🥰
Mohobbat ho charo taraf aur koi khuda na ho 😍
Lakeere tere naam ki mere hathon mein ho ya na ho 😊
Rahe jism bhi alag par rooh juda na ho… ❤
थाम लूं तेरा हाथ इस क़दर की सांसे जुदा न हो, 🥰
मोहब्बत हो चारों तरफ और कोई ख़ुदा न हो, 😍
लकीरें तेरे नाम की मेरे हाथों में हो या न हो,😊
रहे जिस्म भी अलग पर रूह जुदा न हो…❤