Raaj to hamaara har jagah pe hai
pasand karne waalo dil me aur
napasand karne walo ke dimaag me
राज तो हमारा हर जगह पे है
पसंद करने वालों के “दिल” मे और
नापसंद करने वालों के “दिमाग” में
Raaj to hamaara har jagah pe hai
pasand karne waalo dil me aur
napasand karne walo ke dimaag me
राज तो हमारा हर जगह पे है
पसंद करने वालों के “दिल” मे और
नापसंद करने वालों के “दिमाग” में

Kol ho ke v ajh kal kaun ik dujhe nu puchhda
gal sade lai inni hi bahut aa ke
door ho ke v oh saanu yaad rakhe
वो खुद भूखा रहकर तुम्हारा पेट सींच रहा है,
देखो आज,
चेहरे पर मुस्कान लिए भीगी पलकें मीच रहा है,
दो वक्त की रोटी, रोटी देने वालों को नसीब नहीं,
वो कौनसा तुम्हारी भारी जेबों से नोट खीच रहा है....
थोड़ी खुशियां उनकी झोली में भी नसीब हो,
आज दूर है कल वापस मिट्टी के करीब हो,
इक सैलाब ने खूब कोहराम मचाया,
ऐसा ना हो के दूसरा भी करीब हो...