Tbaadle kar raha hai ishq bhi bas waqt dekhkar
aur us heer ko fir koi raanjha na mila
तबादले कर रहा है इश्क भी बस वक्त देखकर,
और, उस हीर को फिर कोई रांझा ना मिला...
Enjoy Every Movement of life!
Tbaadle kar raha hai ishq bhi bas waqt dekhkar
aur us heer ko fir koi raanjha na mila
तबादले कर रहा है इश्क भी बस वक्त देखकर,
और, उस हीर को फिर कोई रांझा ना मिला...
Bin Badal Barsaat Nahin Hoti
Suraj Doobe Bina Raat Nahin Hoti
Ab Kuch Aise Haalat Hain Hamare Ki
Aapko Dekhe Bagair Din Ki Shuruwat Nahin Hoti…❤️🧿
कितने गुज़र गए ज़माने यूँ ज़ख्म खाने में,
बडा वक़्त लगाते हो यार मरहम लगाने में.
दासबर्दार तेरे इश्क़ में आशनाई गवा बैठे,
बावर्णा दिल-खवा अपने भी थे ज़माने में.
जो क़ल्ब परोसता है ग़ज़लों में बेदिली से मुसाहिब,
मुझे भी तोह सुना कोनसा ग़म है तेरे अफ़साने में.
मेरा ग़म कौन जाने मैं पौधा ही जानू हिज्र-ए-गुल,
बीस दिन लगते है अशर कली को फूल बनाने में…