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Reh na howe || Punjabi love status

Vichoda ki pya palle jhalleyan de sade
Seh tuhathon vi na howe
Seh sathon vi na howe..!!
Chain udde ne dhur ton ikalleyan de sade
Reh tuhathon vi na howe
Reh sathon vi na howe..!!

ਵਿਛੋੜਾ ਕੀ ਪਿਆ ਪੱਲੇ ਝੱਲਿਆਂ ਦੇ ਸਾਡੇ
ਸਹਿ ਤੁਹਾਥੋਂ ਵੀ ਨਾ ਹੋਵੇ
ਸਹਿ ਸਾਥੋਂ ਵੀ ਨਾ ਹੋਵੇ..!!
ਚੈਨ ਉੱਡੇ ਨੇ ਧੁਰ ਤੋਂ ਇਕੱਲਿਆਂ ਦੇ ਸਾਡੇ
ਰਹਿ ਤੁਹਾਥੋਂ ਵੀ ਨਾ ਹੋਵੇ
ਰਹਿ ਸਾਥੋਂ ਵੀ ਨਾ ਹੋਵੇ..!!

Title: Reh na howe || Punjabi love status

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Tera deewana || Punjabi shayari

ਮੇਰੀ ਅੱਖਾਂ ਸਾਹਮਣੇ ਰਹਿੰਦਾ ਏ ਬੱਸ ਇੱਕ ਚੇਹਰਾ
ਮੈਨੂੰ ਦਿਵਾਨਾ ਕਰਦਾ ਏ ਬੱਸ ਇੱਕ ਚੇਹਰਾ
ਪਲ ਪਲ ਸਵਾਲ ਕਰਾਂ ਮੈਂ ਖੁਦ ਤੋਂ
ਕੀ ਕਾਹਤੋਂ ਇਨਾਂ ਕਰਦਾ ਏ ਦਿਲ ਦਿਲੋਂ ਤੇਰਾ
ਤੂੰ ਸੂਟ ਕਿਹੜੇ ਦਰਜ਼ੀ ਕੋਲੋਂ ਸਵਾਉਨੀ ਏ
ਇੱਕ ਤਾਂ ਤੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਏਹਨੀ ਖੁਬਸੂਰਤ
ਉਪਰੋਂ ਤੂੰ ਕਾਲ਼ੇ ਰੰਗ ਦਾ ਸੂਟ ਬਾਹਲ਼ਾ ਘੈਂਟ ਪਾਉਣੀ ਏ
ਜੇਹੜਾ ਵੀ ਤੈਨੂੰ ਦੇਖ ਲਵੇ ਦਿਵਾਨਾ ਤੇਰਾਂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਏ
ਜੇ ਦੇਖ ਲਵੇ ਤੂੰ ਅਸਮਾਨ ਵੱਲ ਅੱਖਾਂ ਭਰਕੇ
ਸ਼ਰਮਾ.. ਅੰਬਰੋਂ ਫੇਰ ਮੀਂਹ ਪੈ ਜਾਂਦਾ ਏ😍

Title: Tera deewana || Punjabi shayari


आगरा कौन सा रास्ता जाता है? || birbal akbar story

बादशाह अकबर को शिकार करना बहुत पसंद था। एक बार की बात है, बादशाह अकबर अपने सैनिकों के साथ शिकार पर निकले। शिकार करते-करते वो इतने आगे चले गए कि वो अपने दल से छूट गए। उनके साथ बस कुछ ही सैनिक रह गए थे। अब शाम होने को थी और सूरज ढलने वाला था। साथ ही अकबर और उनके साथ के सैनिकों को भूख भी सताने लगी थी।

बादशाह अकबर को शिकार करना बहुत पसंद था। एक बार की बात है, बादशाह अकबर अपने सैनिकों के साथ शिकार पर निकले। शिकार करते-करते वो इतने आगे चले गए कि वो अपने दल से छूट गए। उनके साथ बस कुछ ही सैनिक रह गए थे। अब शाम होने को थी और सूरज ढलने वाला था। साथ ही अकबर और उनके साथ के सैनिकों को भूख भी सताने लगी थी

काफी दूर निकल आने पर बादशाह अकबर को यह एहसास हुआ कि वो रास्ता भटक गए हैं। वहां आस-पास कोई नजर भी नहीं आ रहा था, जिससे रास्ते के बारे में पूछा जा सकता था। थोड़ी दूर और चलने पर उन्हें एक तिराहा नजर आया। बादशाह को यह देख कर थोड़ी खुशी हुई कि चलो इनमें से कोई न कोई रास्ता राजधानी तक तो जाता ही होगा।

लेकिन, सभी इसी उलझन में थे कि किस रास्ते पर चला जाए। तभी सैनिकों की नजर सड़क किनारे खड़े एक छोटे से लड़के पर पड़ी। वह लड़का बड़ी हैरानी से महाराज के घोड़े और सैनिकों के हथियारों को देख रहा था। सैनिकों ने उस बालक को पकड़कर महाराज के सामने पेश किया।

बादशाह अकबर ने लड़के से पूछा, “ऐ लड़के। इनमें से कौन सा रास्ता आगरा जाता है?” यह बात सुनकर वह बच्चा जोर-जोर से हंसने लगा। यह देखकर राजा को बहुत गुस्सा आया। लेकिन, उन्होंने शांत भाव से उससे उसकी हंसी का कारण पूछा। लड़के ने जवाब दिया, “यह रास्ता चल नहीं सकता है, तो यह आगरा कैसे जाएगा। आगरा पहुंचने के लिए तो आपको खुद चलना पड़ेगा।”

महाराज उस लड़के की सूझबूझ को देख कर चकित रह गए। उन्होंने प्रसन्न होकर उस बच्चे का नाम पूछा। लड़के ने जवाब में अपना नाम महेश दास बताया। महाराज ने उसे इनाम में सोने की अंगूठी दी और दरबार में आने का न्योता दिया। इसके बाद बादशाह अकबर ने लड़के से पूछा, “क्या तुम मुझे बता सकते हो कि किस रास्ते पर चलने से मैं आगरा पहुंच पाऊंगा?” लड़के ने बड़ी ही शालीनता से सही रास्ता बताया और महाराज अपने सैनिकों के साथ आगरा की ओर चल पड़े।

यही लड़का बड़ा होकर बीरबल के नाम से प्रसिद्ध हुआ और बादशाह अकबर के नवरत्नों में से एक कहलाया।

Title: आगरा कौन सा रास्ता जाता है? || birbal akbar story