Rishte kise gair naal howe ja khoon da howe
nibhda ohi jehraa dil to judheyaa howe
ਰਿਸ਼ਤਾ ਕਿਸੇ ਗੈਰ ਨਾਲ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਖੂਨ ਦਾ ਹੋਵੇ..
ਨਿਭਦਾ ਓਹੀ ਜਿਹੜਾ ਦਿਲ ਤੋਂ ਜੁੜਿਆ ਹੋਵੇ🧡..
Rishte kise gair naal howe ja khoon da howe
nibhda ohi jehraa dil to judheyaa howe
ਰਿਸ਼ਤਾ ਕਿਸੇ ਗੈਰ ਨਾਲ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਖੂਨ ਦਾ ਹੋਵੇ..
ਨਿਭਦਾ ਓਹੀ ਜਿਹੜਾ ਦਿਲ ਤੋਂ ਜੁੜਿਆ ਹੋਵੇ🧡..
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।
Jin chaar logon mein baithkar aap dusron ki burai karte hain
Yakeen maniye aapke jate hi waha aapki bhi burai shuru ho jayegi!!!
जिन चार लोगों में बैठकर आप दूसरों की बुराई करते हैं
यकीन मानिए आपके जाते ही वहाँ पर आपकी भी बुराई शुरू हो जाएगी!!!