Yu mohabbat se na de meri mohabbat ka zawab
Ye saza sakht hai thodi si riyayat kar❣️
यूँ मोहोब्बत से न दे मेरी मोहोब्बत का जवाब
ये सज़ा सख्त है थोड़ी सी रियायत कर❣️
Enjoy Every Movement of life!
Yu mohabbat se na de meri mohabbat ka zawab
Ye saza sakht hai thodi si riyayat kar❣️
यूँ मोहोब्बत से न दे मेरी मोहोब्बत का जवाब
ये सज़ा सख्त है थोड़ी सी रियायत कर❣️
माना तुम्हे हर बार देखता हूं,
हर बार पहली बार देखता हूं,
देखता हूं तुम्हे जब जुल्फें संवरती हो तुम,
उन जुल्फों को आइना बनके हर बार देखता हूं,
आंखो में रातें और सुर्खी में ग़ुलाब जैसे,
मेरे हाथ खाली जाम तुम्हारे होंठो में शराब जैसे,
जैसे हर बार तुम्हारा वो ख़्वाब देखता हूं,
तुम्हारे हाथों में मेरा दिया वो ग़ुलाब देखता हूं,
वक्त हो तो आना कभी इक हसरत बाकी है,
तुम्हे हर बार की तरह पहली बार देखना बाकी है...
