Yu mohabbat se na de meri mohabbat ka zawab
Ye saza sakht hai thodi si riyayat kar❣️
यूँ मोहोब्बत से न दे मेरी मोहोब्बत का जवाब
ये सज़ा सख्त है थोड़ी सी रियायत कर❣️
Yu mohabbat se na de meri mohabbat ka zawab
Ye saza sakht hai thodi si riyayat kar❣️
यूँ मोहोब्बत से न दे मेरी मोहोब्बत का जवाब
ये सज़ा सख्त है थोड़ी सी रियायत कर❣️
हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला
मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला
कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला
एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला
तरुण चौधरी
