इक झील मिली है, एक झरने के बाद
बस कुछ ही दूर घर से,गुज़रने के बाद
ये समझा रहे हैं, की खतरा है मुझको
वो भी आधे से ज़्यादा, उतरने के बाद
फिर सूखी आंख लेकर,लौट आया मैं
अपने वही पे सारे आंसू,धरने के बाद
मेरे चार दर्द भी, ना संभाले गए उससे
ये झरना भर गया,आंसू भरने के बाद
अरे तुम भी कहां सुनोगे, बाते हमारी
हम भी समझे थे,इश्क़ करने के बाद
मेरी हिम्मत को,देखा कैसे जाए बोलो
लोग हमे भी डरा रहे हैं, डरने के बाद
के कुछ खड़े होते हैं कैसे, तनके देखो
मेरे सामने से मुंह पर, मुकरने के बाद
mere kol te tuhaadiyaan yaada hi ne
zindagi ta us nu mubaarak jis kol tusi ho
ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਤੇ ਤੁਹਾਡੀਆਂ ਯਾਦਾ ਹੀ ਨੇ
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਮੁਬਾਰਕ ਜਿਸ ਕੋਲ ਤੁਸੀਂ ਹੋ