है वो मेरी मोहब्बत की रूह, इसलिए पास मेरे वो रहती है..
मुझे पागल समझेगी ये दुनिया, तभी वो कुछ ना कहती है..
सुबह उठे साथ में वो मेरे, शाम आंखों के साथ वो ढलती है..
वो जी ना सकी जो साथ मेरे, तो मरके साथ में चलती है..
राहें तो बदल गयीं उसकी मगर, राहौं से मुडी वो रहती है..
मेरी रूह से जुडना है हक उसका, तभी साथ जुडी वो रहती है..
हर खुशी बांटती है मेरी, हर गम मेरे संग सहती है..
मुझे वो लगती है अपनी, और मुझे वो अपना कहती है….
vo to hum the isliye
warna
waqt ke jis daur se hum guzre hai
is daur se koi aur guzarta to guzar jata🙌💔
वो तो हम थे इसलिए
वरना
वक्त के जिस दौर से हम गुजरे है
इस दौर से कोई और गुजरता तो गुजर जाता🙌💔