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Roop tha uska bahut || hindi poem

रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..

Title: Roop tha uska bahut || hindi poem

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


मरते चले गए 😥 || hindi dard bhari shayari

उसने जैसे जैसे कहा, हम करते चले गए,
उसने जहां जहां कहा, हम चलते चले गए,
हमने तो अपनी सांसों की डोर भी उसके हाथों में दे रखी थी,
उसने जैसे जैसे छोड़ा, हम मरते चले गए.

Title: मरते चले गए 😥 || hindi dard bhari shayari


Koi shikwa shikayat nhi || hindi shayari

Ab koi shikwa shikayat nahi 
Ab mujhme hi mai hu 
Tum me nahi…🙌

अब कोई शिकवा शिकायत नहीं
अब मुझमें ही मैं हूँ
तुम में नहीं…🙌

Title: Koi shikwa shikayat nhi || hindi shayari