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Roop tha uska bahut || hindi poem

रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..

Title: Roop tha uska bahut || hindi poem

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mai akk gyii ve?

Chl buss be krr hunn na supne dikha zayada

Mai sabb kujj Jaan gyii tere vaareh

Hun na bahaneh laa zayada,

Mai bore hogyi koi gl be ni aw ri,

hunn na kahaniya paa zayada,

Pehle sabb theek c,

na fikkr msg da aur na reply da

Uttoh tention be koi na c,

Hun rehnda khayaal tera ve

Uttoh dil be drr da bthera ve,

Meri zindagi deh vich na onda tu

Na zindagi narak banoda tu,

Tu shayar bnn da firr da veh,

Mai koddi mull na pavva veh,

Tu be menu pull ja,

te mai be tennu pull ja ve 🥺

Title: Mai akk gyii ve?


Jungle human || वन्य जीव संरक्षण पर कविता

मूक प्राणियों पर हमको तो,

तरस बहुत ही आता है।

इनकी देख दुर्दशा अपना,

सीना फटता जाता है।।

वन्य जीव जितने भी हैं,

सबका अस्तित्व बचाना है,

जंगल के जीवों के ऊपर,

दया हमें दिखलाना है।

वृक्ष अमूल्य धरोहर हैं,

इनकी रक्षा करना होगा।

जीवन जीने की खातिर,

वन को जीवित रखना होगा।

तनिक-क्षणिक लालच को,

अपने मन से दूर भगाना है।

धरती का सौन्दर्य धरा पर,

हमको वापिस लाना है।।

Title: Jungle human || वन्य जीव संरक्षण पर कविता