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Roop tha uska bahut || hindi poem

रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..

Title: Roop tha uska bahut || hindi poem

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Pata ni ki rishta tera te mera || ibadat karde haa

ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਕੀ ਰਿਸ਼ਤਾ ਤੇਰਾ ਤੇ ਮੇਰਾ ,
ਤੇਰੇ ਪੈਰਾਂ ਥੱਲੇ ਤਲੀਆਂ ਧਰਦੇ ਹਾਂ
ਪਿਆਰ ਦਾ ਤਾ ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਕੀ ਹੁੰਦਾ

ਅਸੀਂ ਤਾਂ ਬੱਸ ਇਬਾਦਤ ਕਰਦੇ ਹਾਂ

Title: Pata ni ki rishta tera te mera || ibadat karde haa


zindagi mili hai ek baar to g lene do

जिंदगी मिली हे एक बार तो जी लेने दो हमे,
खुशियों से ख़राब होने मत दो हमे,
हम भी इंसान हे आप जैसे,
दुखी जीवन से बहार निकल ने दो हमे। 

Title: zindagi mili hai ek baar to g lene do