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Roop tha uska bahut || hindi poem

रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..

Title: Roop tha uska bahut || hindi poem

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Dil Halka Zaroor Hunda || Sad True Status

Unjh vekheya jawe taan hanjuaan da koi bhar ni hunda
par ehna de dulan te dil halka zaroor hunda

ਉਂਝ ਵੇਖਿਆ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਹੰਝੂਆਂ ਦਾ ਕੋਈ ਭਾਰ ਨੀ ਹੁੰਦਾ
ਪਰ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਡੁੱਲਣ ਤੇ ਦਿਲ ਹਲਕਾ ਜ਼ਰੂਰ ਹੁੰਦਾ

Title: Dil Halka Zaroor Hunda || Sad True Status


Koshish || hindi shayari

Log kehte hain,
Aasmaan mein bhi surakh ho sakta hai,
Bas tabiyat se pathar uchalne ki deri hai..
Himmat na ki pathar uthane ki,
Mano na mano ye galti teri hai..
Raste bhi sazish kar rahe hain,
Waqt ke sath milkar…
Tu phir bhi waqt ke sath na chale,
To ab bhi galti teri hai..

लोग कहते हैं,
आसमान में भी सुराख़ हो सकता है,
बस तबियत से पत्थर उछालने की देरी है…
हिम्मत ना की पत्थर उठाने की,
मानो ना मानो ये गलती तेरी है…
रास्ते भी शाज़िश कर रहे है,
वक्त के साथ मिलकर…
तू फिर भी वक्त के साथ ना चले,
तो अब भी गलती तेरी है….

Title: Koshish || hindi shayari