Skip to content

Roop tha uska bahut || hindi poem

रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..

Title: Roop tha uska bahut || hindi poem

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


O KEH TAAN GYE C

O keh taan gye c ke mera intzaar na kari fir chandra dil kyu kehnda ke kise hor nu pyaar na kari

O keh taan gye c ke mera intzaar na kari
fir chandra dil kyu kehnda ke
kise hor nu pyaar na kari



Door rehkar mohobbat || hindi shayari || two line shayari

Jitna dur rehkar chahoge utni hi gehri hogi mohobbat
Jis din jism bichme aagya, samaj jana bewafai kareeb hein ♥

जितना दूर रहकर चाहोगे उतनी ही गहरी होगी मोहोब्बत जिसदिन जिस्म बीच में आ गया, समझ जाना बेवफाई करीब हैं ❤️

Title: Door rehkar mohobbat || hindi shayari || two line shayari