Saadhi kadar uhna ton puchh ke vekh
jinna nu mudh ke nahi vekhiyaa asin tere lai
ਸਾਡੀ ਕਦਰ ਉਨ੍ਹਾ ਤੋ ਪੁਛ ਕੇ ਵੇਖ
ਜਿਨ੍ਹਾ ਨੂੰ ਮੁੜ ਕੇ ਨਹੀਂ ਵੇਖਿਆ ਅਸੀਂ ਤੇਰੇ ਲਈ
Saadhi kadar uhna ton puchh ke vekh
jinna nu mudh ke nahi vekhiyaa asin tere lai
ਸਾਡੀ ਕਦਰ ਉਨ੍ਹਾ ਤੋ ਪੁਛ ਕੇ ਵੇਖ
ਜਿਨ੍ਹਾ ਨੂੰ ਮੁੜ ਕੇ ਨਹੀਂ ਵੇਖਿਆ ਅਸੀਂ ਤੇਰੇ ਲਈ
कुछ हलचल सी है सीने में
सुकून कुछ खोया – सा है
जाने कैसी है ये अनुभूति
दिल कुछ रोया – सा है
कुछ आहट सी आयी है
और दिल कुछ धड़का – सा है।
हाथ – पाँव में हो रही कंपन-सी
बेचैनी ये जानी पहचानी – सी है
सांसे भी है कुछ थमी – सी
कितने वक्त गुज़र गये इन्तजार में
मेरी आहें भी हैं कुछ जमी – सी।
पलकें अब मूँदने लगी हैं
साँसें अब क्षीण पड़ रही हैं
अब तो आ जाओ इन लम्हों में
जाने कब लौटोगे?
आने का वादा था और ना भी था तो,
तुम्हारा इन्तज़ार तो था..
सारी हदें तोड़ कर आ जाओ
दुनिया की रस्मों को छोड़ कर आ जाओ
चंद लम्हों के लिए ही,
अब तो आ जाओ
मेरे लिए.. सिर्फ मेरे लिए |
Kitaab Deya Paneya Nu Je Pdhna Hi Ni
Teh Ohna Teh Avde Labaj Likh Ke Kuj V Sabit Ni Kr Skde
Je Chup Hoke Tennu Paa Ni Skde
Teh Bahla Bolke V Tennu Jitt Ni Skde
@yuv.singhofficial