Saadhi kadar uhna ton puchh ke vekh
jinna nu mudh ke nahi vekhiyaa asin tere lai
ਸਾਡੀ ਕਦਰ ਉਨ੍ਹਾ ਤੋ ਪੁਛ ਕੇ ਵੇਖ
ਜਿਨ੍ਹਾ ਨੂੰ ਮੁੜ ਕੇ ਨਹੀਂ ਵੇਖਿਆ ਅਸੀਂ ਤੇਰੇ ਲਈ
Saadhi kadar uhna ton puchh ke vekh
jinna nu mudh ke nahi vekhiyaa asin tere lai
ਸਾਡੀ ਕਦਰ ਉਨ੍ਹਾ ਤੋ ਪੁਛ ਕੇ ਵੇਖ
ਜਿਨ੍ਹਾ ਨੂੰ ਮੁੜ ਕੇ ਨਹੀਂ ਵੇਖਿਆ ਅਸੀਂ ਤੇਰੇ ਲਈ
ज़िकर तुम्हारा होता है ,अल्फाज् हमारे होते है
आलम ये हो गया है की अब हम रात में भी नहीं सोते हैl
इस कदर गुम हो जाते है तुमहारी याद मे,
की पता नही चलता हम कहा होते है|
अगर तुम साथ नही होगी,
तो तनहा गुजार देगे जिदगी ये वादा करते है|
मेरे ज़जबातों को समझने की कोशिश करो,
हम जैसे इंसान बहुत कम होते है l
वैसे तो हुसन की कमी नहीं है ,
पर तुम्हारे जैसे भी बहुत कम मिलते है l
हर किसी को अपना प्यार मिल जाये ,
ऐसे खुशकिसमत कम होते है l
कुछ तो खास है तुम में ,
वरना हम भी हर किसी पे फिदा नही होते है|
Mainu shadd, eh banjaaryaa wangu raah te
tu vas jaake mehal vich
aakhir eh fakiraa de kol, rakhaa hi ki aa
ਮੈਨੂੰ ਛੱਡ ਏਹ ਬੰਜਾਰੀਆ ਵਾਂਗੂੰ ਰਾਹ ਤੇ
ਤੂੰ ਵੱਸ ਜਾਕੇ ਮਹਿਲਾ ਵਿੱਚ
ਆਖਿਰ ਏਹ ਫ਼ਕੀਰਾਂ ਦੇ ਕੋਲ਼ ਰਖਾਂ ਹੀ ਕਿ ਆ….
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷