naam baah te lkhaun di ki faiyda je saaha da ikraar na howe
raah duniyaa de sunsaan ne saare sajjna jad tak tu na naal howe
ਨਾਮ ਬਾਂਹ ਤੇ ਲਖਾਉਣ ਦਾ ਕੀ ਫਾਇਦਾ ਜੇ ਸਾਹਾਂ ਦਾ ਇਕਰਾਰ ਨਾ ਹੋਵੇ
ਰਾਹ ਦੁਨੀਆਂ ਦੇ ਸੁੰਨਸਾਨ ਨੇ ਸਾਰੇ ਸੱਜਣਾ ਜਦ ਤੱਕ ਤੂੰ ਨਾ ਨਾਲ ਹੋਵੇ
naam baah te lkhaun di ki faiyda je saaha da ikraar na howe
raah duniyaa de sunsaan ne saare sajjna jad tak tu na naal howe
ਨਾਮ ਬਾਂਹ ਤੇ ਲਖਾਉਣ ਦਾ ਕੀ ਫਾਇਦਾ ਜੇ ਸਾਹਾਂ ਦਾ ਇਕਰਾਰ ਨਾ ਹੋਵੇ
ਰਾਹ ਦੁਨੀਆਂ ਦੇ ਸੁੰਨਸਾਨ ਨੇ ਸਾਰੇ ਸੱਜਣਾ ਜਦ ਤੱਕ ਤੂੰ ਨਾ ਨਾਲ ਹੋਵੇ
इस जीवन से जुड़ा एक सवाल है हमारा~
क्या हमें फिर से कभी मिलेगा ये दोबारा?
समंदर में तैरती कश्ती को मिल जाता है किनारा~
क्या हम भी पा सकेंगे अपनी लक्ष्य का किनारा?
जिस तरह पत्तों का शाखा है जीवन भर का सहारा~
क्या उसी तरह मेरा भी होगा इस जहां में कोई प्यारा?
हम एक छोटी सी उदासी से पा लेते हैं डर का अंधियारा~
गरीब कैसे सैकड़ों गालियां खा कर भी कर लेतें है गुजारा ?
जिस तरह आसमान मे रह जाते सूरज और चांद-तारा ~
क्या उस तरह रह पाएगा हमारी दोस्ती का सहारा ?
जैसे हमेशा चलती रहती है नदियों का धारा~
क्या हम भी चल सकेंगे अपनी राह की धारा ?