
Shayad fir ishqi fatt eh sil jawe..!!
Dekh Allah vi hairan hou haal mere
Changa howe je maut menu mil jawe..!!

गरीबी भी देखी है अमीरी भी देखी है,
फटे थे कपड़े जब वो फकीरी भी देखी है...
हाथों में रोटी थी कटोरे में सिक्के थे,
अनजान चेहरों की बहुत हाज़िरी भी देखी है,
उम्दा सियासत में गुनहगारों की वजीरी भी देखी है...
इंसानियत दम तोड रही थी बंजर दरिया में
वो ढलती शाम मैने आखिरी देखी है...
खुदा ने भले हमे बहुत कुछ नही दिया पर आपको पाकर तो कोई शिकवा ही ना रहा💞😍
Khuda ne bhale hume bahut kuch nhi diya par aapko pakar to koi shikva hi na rha💞😍