Sabak🥀 || Punjabi shayari || sad but true was last modified: April 19th, 2023 by _anmol_sahi
Enjoy Every Movement of life!
कभी थकन के असर का पता नहीं चलता
वो साथ हो तो सफ़र का पता नहीं चलता
वही हुआ कि मैं आँखों में उसकी डूब गया
वो कह रहा था भँवर का पता नहीं चलता
उलझ के रह गया सैलाब कुर्रए-दिल से
नहीं तो दीदा-ए-तर का पता नहीं चलता
उसे भी खिड़कियाँ खोले ज़माना बीत गया
मुझे भी शामो-सहर का पता नहीं चलता
ये मंसबो का इलाक़ा है इसलिए शायद
किसी के नाम से घर का पता नहीं चलता
Ruswaai ja narazgi jinni marzi howe
Sache pyar te kade jittt nahi pa sakdi..!!
ਰੁਸਵਾਈ ਜਾਂ ਨਰਾਜ਼ਗੀ ਜਿੰਨੀ ਮਰਜ਼ੀ ਹੋਵੇ
ਸੱਚੇ ਪਿਆਰ ਤੇ ਕਦੇ ਜਿੱਤ ਨਹੀਂ ਪਾ ਸਕਦੀ..!!
