Sabak🥀 || Punjabi shayari || sad but true was last modified: April 19th, 2023 by _anmol_sahi
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
उठता है तूफान सीने में जब
जहन में सवाल इक आता है
जब जाना ही है दूर तो
क्यों करीब कोई आता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
जिसे देखना भी नही मुनासिब
आंखे बंद कर करीब उसी को पता है
ढूंढ ले खामियां उसकी हजार पर
दिल तो आज भी बेहतर उसी को बताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
सपने देखता है नई दुनिया बसाने के तू
नींद तेरी आज भी वही चुराता है
बेख्याल होने का करले तमसील भले
मिलने का ख्याल तो आज भी सताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
ambron tutte taare vekh
mangdi e mantaan gairaan de naal
krke banjar jameen
puchdi e hun
suke rukhan de haal
ਅੰਬਰੋਂ ਟੁੱਟੇ ਤਾਰੇ ਵੇਖ
ਮੰਗਦੀ ਏ ਮੰਨਤਾਂ ਗੈਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ
ਕਰਕੇ ਬੰਜ਼ਰ ਜ਼ਮੀਨ
ਪੁਛਦੀ ਹੁਣ ਸੁੱਕੇ ਰੁਖਾਂ ਦੇ ਹਾਲ