bas ehi soch ke sabar kar rahe haa
ki umar dukhaa bhari taa ni ho sakdi
ਬਸ ਏਹੀ ਸੋਚ ਕੇ ਸਬਰ ਕਰ ਰਹੇ ਆਂ..
ਕਿ ਉਮਰ ਦੁੱਖਾਂ ਭਰੀ ਤਾਂ ਨੀ ਹੋ ਸਕਦੀ🙃..
Enjoy Every Movement of life!
bas ehi soch ke sabar kar rahe haa
ki umar dukhaa bhari taa ni ho sakdi
ਬਸ ਏਹੀ ਸੋਚ ਕੇ ਸਬਰ ਕਰ ਰਹੇ ਆਂ..
ਕਿ ਉਮਰ ਦੁੱਖਾਂ ਭਰੀ ਤਾਂ ਨੀ ਹੋ ਸਕਦੀ🙃..
Bagwan ek hi dost de , lekin Asia de joh humse jyada humari Khamoshi smjhe..💯
क्या वक्त ये मेरे दरमियां है,
किसी ने बताया नहीं मुझमें क्या कमियां है,
शाम की खुशियों में गम का अंधेरा क्यूं लाएं,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...
कैद कर लिया है खुद को इन बेड़ियों में,
क्या फर्क है अब मुझमें और कैदियों में,
इन अंजान गलियों में आज थोड़ा फिसला जाए,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...