टूटे हुए काँच की तरह
चकनाचूर हो गए,
किसी को लग ना जाये
इसलिए सबसे दूर हो गए🥺।।
टूटे हुए काँच की तरह
चकनाचूर हो गए,
किसी को लग ना जाये
इसलिए सबसे दूर हो गए🥺।।

हमारा तिरंगा
देश का प्रतीक है यह,
हर हिंदुस्तानी के नज़दीक है यह।
हर डर भुला देता है,
एक जोश जगा देता है।
सूरज सा ‘नारंगी’ तेज है इसमें,
शांति का ‘सफेद’ संदेश है इसमें।
इसमे खुशिओं की ‘हरियाली’ है,
यह चक्रवर्ती ‘चक्रधारी’ है।
वो फसलों सा लहराता है,
वो हर ऊंचाई से ऊपर जाता है।
एक बच्चे सा भोला है यह,
वक़्त पड़ने पर दहकता शोला है यह।
मित्रों का मीत है यह,
हर बुराई पर जीत है यह।
जीने का अंदाज़ है यह,
अपनी माटी का एहसास है यह।
इसकी अलग ही शान है,
यह हमारा तिरंगा महान है।।