K yaar kalle rehna sikhlo
Kyon k ethe koi kise da ni
K yaar kalle rehna sikhlo
Kyon k ethe koi kise da ni
अब ना होगा तेरा साथ जिंदगी भर , रहेगा बस यही एक मलाल जिंदगी भर ।
मेरी हसरतें तेरी खुशियों में कहीं गुम हो गई , हम तलाशते रह गए जीने की वजह जिंदगी भर ।।
हाशिए पर है अब मेरे ख्वाबों की हकीकत , ख्याल भी तेरा रहा ताउम्र जिंदगी भर ।
पूछता रहा सवाल कि क्यों खुद से रूठे हैं , असर तेरी मोहब्बत का जख्म बना रहा जिंदगी भर ।।
क्या हाल है मेरा, ये तो बस मेरा रब जानता है।
कैसे जी रही हूं मैं, ये तो बस मेरा रब जानता है।
क्या चाहत है मेरी, ये भी बस मेरा रब जानता है।
ये जो कहते है, कि वो मुझे मुझसे भी ज्यादा जानते है,
वो बस मुझे इतना बता दे,
कि ये मेरा रब कौन है,
जो मेरा सब जानता है।