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Snapchat-1998927205

So true Punjabi shayari sachiyaan gallan

Title: Snapchat-1998927205

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Bichadna yaad aata hai..

College ki seedhi per khade ho kar Kuch logo ke sath guftagu karna yaad aata hai,

Mujhe zindagi ke her palat’te panne ke sath,

Dosto se bichadna yaad aata hai…

Guzar raha hai waqt un parchaiyo’n ke sath,

Jinme the kuch yaar hatho me daale hath,

Na main hun ab na wo reh gaye hain wahi,

Per lamho me hain qaid wo mere kahin na kahin,

Kabhi khali se waqt me ho bhi jati hai baat,

Warna raftaar ki is duniya me koun rakhta hai ab yaad,

Jo mil jaye tumhe wo dour kahi to jaane na tum dena,

Na ayega wo lout ke is baat ko meri maan lena,

Aj bhi her mod her rasta mujhe unki yaad dilata hai,

Jin per hum sath the aur phir waqt tham sa jata hai,

Us mod per khadi hun jis rah tum mude the,

Yaar mere tu yaad kar, kabhi hum tum bhi jude the !!

Title: Bichadna yaad aata hai..


Love poetry || Hindi Poems on mohobbat

देखा तो तुझे जब पहली बार मैंने,
अपनी आंखों पर न किया था एतबार मैंने,
क्या होता है कोई इतना भी खूबसूरत,
यही पूछा था खुदा से बार-बार मैंने।
तेरे नीले नीले नैनो ने किया था काला जादू मुझ पर,
यूं ही तो नहीं खो दिया था करार मैंने।

कायदा इश्क जब से पड़ा है,
इल्म बस इतना बचा है मुझ में,
फकत नाम तेरा मैं लिख लेता हूं, पढ़ लेता हूं।

आग बरसे चारों तरफ इस जमाने के लिए,
मेरी आंखों की नमी में हो पनाह किसी को छिपाने के लिए।
वो है खुदगर्ज बड़ी मैं जानता हूं,
लौट आएगी फिर से खुद को बचाने के लिए।

मिजाज हो गए तल्ख जब मतलब निकल गया,
ना हुई दुआ कबूल तो मजहब बदल गया।
वो जो कहते थे कि मेरी चाहत कि खुदा तुम हो,
कभी बदली उनकी चाहत कभी खुदा बदल गया।

चल मान लिया कोई तुझसे प्यारी नहीं होगी,
पर शर्त लगा लो तुम से भी वफादारी नहीं होगी।
तेरी बेवफाई ने मेरा इलाज कर दिया है,
पक्का अब हमें फिर से इश्क की बीमारी नहीं होगी।

प्यार जब भी हुआ तुमसे ही हुआ,
कोशिश बहुत की मैंने किसी और को चाहने की।
एक तो तेरा इश्क था ही और एक मैंने आ पकड़ा,
अब कोई कोशिश भी ना करना मुझ को बचाने की।

यह जो आज हम उजड़े उजड़े फिरते हैं,
हसरतें बहुत थी हमें भी दुनिया बसाने की।
मुझे आज भी तुमसे कोई गिला नहीं है,
दस्तूर ही कहां बचा है मोहब्बत निभाने का।

इस शहर में मुर्दों की तादाद बहुत है,
कौन कहता है कि ये आबाद बहुत है,
जुल्मों के खिलाफ यहां कोई नहीं बोलता,
बाद में करते सभी बात बहुत हैं।

मेरे छोटे से इस दिल में जज्बात बहुत हैं,
नींद नहीं है आंखों में ख्वाबों की बरसात बहुत है।
राह नहीं, मंजिल नहीं, पैर नहीं कुछ भी नहीं,
मुझे चलने के लिए तेरा साथ बहुत है।

दूर होकर भी तू मेरे पास बहुत है,
सगा तो नहीं मेरी पर तू खास बहुत है।
जिनकी टूट चुकी उनको छोड़ो बस,
हमें तो आज भी उनसे आस बहुत है।

Title: Love poetry || Hindi Poems on mohobbat