Mennu chahidi ni oo
Oo hassdi rve enna kaafi hai
Mennu chahidi ni oo
Oo hassdi rve enna kaafi hai
Zehan mein to hai
Vo kisi sazish mein to hai.
Aankhein nam dekh kar man nahi bhara unka
Koi mujhe toot te hue dekhne ki khwahish mein to hai…🙃
जहन में तो हैं ,
वो किसी साज़िश में तो हैं ,
आंखे नम देख कर मन नहीं भरा उनका ,
कोई मुझे टूटते हुए देखने की ख्वाहिश में तो हैं …🙃
है वो मेरी मोहब्बत की रूह, इसलिए पास मेरे वो रहती है..
मुझे पागल समझेगी ये दुनिया, तभी वो कुछ ना कहती है..
सुबह उठे साथ में वो मेरे, शाम आंखों के साथ वो ढलती है..
वो जी ना सकी जो साथ मेरे, तो मरके साथ में चलती है..
राहें तो बदल गयीं उसकी मगर, राहौं से मुडी वो रहती है..
मेरी रूह से जुडना है हक उसका, तभी साथ जुडी वो रहती है..
हर खुशी बांटती है मेरी, हर गम मेरे संग सहती है..
मुझे वो लगती है अपनी, और मुझे वो अपना कहती है….