Sad dard punjabi shayari || Bulleh shah ik sauda kita

Bulleh shah ik sauda kita, peeta jehar pyaala peeta
na kujh nafa na totta leeta, darad dukha di gathrri bhari
lai bedardaa sang yaari

ਬੁੱਲ੍ਹੇ ਸ਼ਾਹ ਇਕ ਸੌਦਾ ਕੀਤਾ, ਪੀਤਾ ਜ਼ਹਿਰ ਪਿਆਲਾ ਪੀਤਾ,
ਨਾ ਕੁਝ ਨਫ਼ਾ ਨਾ ਟੋਟਾ ਲੀਤਾ, ਦਰਦ ਦੁੱਖਾਂ ਦੀ ਗਠੜੀ ਭਾਰੀ
ਲਾਈ ਬੇਦਰਦਾਂ ਸੰਗ ਯਾਰੀ

Title: Sad dard punjabi shayari || Bulleh shah ik sauda kita

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Patriotic Poems || hindi desh prem poems

देशभक्ति कविताएं

1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।

आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।

वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।

मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।

प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।

2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।

गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।

खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।

थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।

हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।

भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।

Title: Patriotic Poems || hindi desh prem poems


KHOTT NA KOI

Asin ajh v karde aitbaar tere te saadi tere ton bagair soch na koi beshak bhawe tu parat ke vekh le sade dil vich ajh v khott na koi

Asin ajh v karde aitbaar tere te
saadi tere ton bagair soch na koi
beshak bhawe tu parat ke vekh le
sade dil vich ajh v khott na koi