Jhuth par kuch is trah tika hu
Sach se jada afwahon mein bika hu
झूठ पर कुछ इस तरह टिका हूँ
सच से ज्यादा अफवाहों में बिका हूँ
Jhuth par kuch is trah tika hu
Sach se jada afwahon mein bika hu
झूठ पर कुछ इस तरह टिका हूँ
सच से ज्यादा अफवाहों में बिका हूँ
Jaise poora aasmaan koi dekh nahi sakda
waise hi koi v kise ke dil me kitna pyaar hai
koi nahi dekh sakda
ਜੈਸੇ ਪੂਰਾ ਆਸਮਾਨ ਕੋਈ ਦੇਖ ਨਹੀਂ ਸਕਦਾ
ਵੇਸੇ ਕੋਈ ਵੀ ਕਿਸੇ ਕੇ ਦਿਲ ਮੈ kitna ਪਿਆਰ ਹੈ
ਕੋਈ ਨਹੀਂ ਦੇਖ ਸਕਦਾ,
मेरी एक गली,उसकी गली से जुड़ी है
मेरे पाव नहीं मुड़े, यही सड़क मुड़ी है
मैं मुस्कुराकर,बोल पड़ा इन दोस्तों से
देखो मेरी ज़न्नत, खिड़की पर खड़ी है
उतने ऊपर, मेरा खुदा भी नहीं दोस्त
उनकी कलाई पे जितनी,चूड़ी चड़ी है
मेरे पूरे हुज़रे पर, साया करती है वो
शहर में उनकी बिल्डिंग इतनी बड़ी है