Jhuth par kuch is trah tika hu
Sach se jada afwahon mein bika hu
झूठ पर कुछ इस तरह टिका हूँ
सच से ज्यादा अफवाहों में बिका हूँ
Jhuth par kuch is trah tika hu
Sach se jada afwahon mein bika hu
झूठ पर कुछ इस तरह टिका हूँ
सच से ज्यादा अफवाहों में बिका हूँ
हर वक्त एक अंजान साया सा, मेरे पास घूमता रहता है..
मेरे दिल से जुडा है वो शायद, मेरी रूह चूमता रहता है..
बताता नहीं है मुझको कुछ, और ना मुझसे कुछ कहता है..
मेरी मर्जी हो या ना हो मगर, शागिर्द बना वो रहता है..
दिन और रात वो बस मेरे, आगोश में पलता रहता है..
मैं चाहुं या फिर ना चाहुं, मेरे साथ वो चलता रहता है..
हर खुशी बांटता है मेरी, हर गम मेरे संग सेहता है..
आखिर साया है ये किसका, ये सवाल जहन में रहता है..
Waqt badhaa baimaan hai
khushi wele do pal da
te gam wele mukda hi nahi
ਵਕਤ ⏱️ ਬੜਾ ਬੇਈਮਾਨ ਹੈ
ਖੁਸ਼ੀ 😊 ਵੇਲੇ ਦੋ ਪਲ ਦਾ
ਤੇ ਗ਼ਮ 😭 ਵੇਲੇ ਮੁੱਕਦਾ ਹੀ ਨਹੀ..