Jhuth par kuch is trah tika hu
Sach se jada afwahon mein bika hu
झूठ पर कुछ इस तरह टिका हूँ
सच से ज्यादा अफवाहों में बिका हूँ
Jhuth par kuch is trah tika hu
Sach se jada afwahon mein bika hu
झूठ पर कुछ इस तरह टिका हूँ
सच से ज्यादा अफवाहों में बिका हूँ
वह चले जाने के बाद बोध आया।
गायक का भी शरीर है, गाना उसका छाया।
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ज़िंदगी कभी ख़त्म नहीं होता।
गाना के साथ वह भी जीवित रहता।
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इंसान का दुःख का मज़ा सिर्फ इंसान लेता है।
जानवर बैठकर हिंसा के बारे में सिर्फ सोचता रहता है।
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इंसान का सुख में सिर्फ इंसान ही डरता है।
जो जानवर को बंदी करता है, वह उससे थोड़ी डरता है।
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धर्म कभी अच्छा या बुरा नहीं होता।
इंसानों अच्छा और बुरा होता हैं- धर्म हमेशा इंसानों से मुक्त होता।
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अच्छा और बुरा इंसानों धर्म को नतीजे देता हैं।
यह धर्म का दोष नहीं- ग़लती सिर्फ इंसान का होता है।
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जन्म से बड़ा है करम, करम से बड़ा व्यवहार।
जन्म कुत्ते बिल्ली का भी होता हैं, करम सिर्फ इंसान का, और विद्वान का शिष्टाचार।
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सबको मान देकर अपना मत बताना।
किसी को छोटा करने से खुद को ही छोटा किया जाता।
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