
Haal puchiye taan kehnde ne
“Mar nahi chlle asi”..!!

teri yaad v kamaal kardi e
mere kol neend aundi hai, eh dekh na jardi ee
ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਵੀ ਕਮਾਲ ਕਰਦੀ ਏ
ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਨੀਂਦ ਆਉਦੀ ਹੈ , ਇਹ ਦੇਖ ਨਾ ਜਰਦੀ ਏ
हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला
मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला
कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला
एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला
तरुण चौधरी