pani patnaa ton langhyaa mudh k nahi auna
dila meriyaa tu ohnu bhul ja
ohne vapis nahi auna
ਪਾਣੀ ਪੱਤਣਾ ਤੋਂ ਲੰਘਿਆ ਮੁੜ ਕੇ ਨਹੀਂ ਆਉਣਾ
ਦਿਲਾ ਮੇਰਿਆ ਤੂੰ ਉਹਨੂੰ ਭੁੱਲ ਜਾ
ਉਹਨੇ ਵਾਪਸ ਨਹੀਂ ਆਉਣਾ
pani patnaa ton langhyaa mudh k nahi auna
dila meriyaa tu ohnu bhul ja
ohne vapis nahi auna
ਪਾਣੀ ਪੱਤਣਾ ਤੋਂ ਲੰਘਿਆ ਮੁੜ ਕੇ ਨਹੀਂ ਆਉਣਾ
ਦਿਲਾ ਮੇਰਿਆ ਤੂੰ ਉਹਨੂੰ ਭੁੱਲ ਜਾ
ਉਹਨੇ ਵਾਪਸ ਨਹੀਂ ਆਉਣਾ
जब पहुंचा कि जब पहुंचा मैं अपनी मौत के पास
कि जब पहुंचा कि जब पहुंचा मैं अपनी मौत के पास
खुदा बोला, कि उसकी की हुई दुआओं में कमब्ख्त बहुत दम है
इसलिए मौत तो दूर की बात, तेरी ज़िंदगी में दरद बहुत कम है
खमियाज़ा ए ज़िन्दगी हर पल मिलता है,
कोई कुछ वक्त तो कोई ज़िन्दगी भर साथ चलता है...
मैं अपनी राहों पर अब अकेले निकाल आया हूं,
जो वक्त सबका था कुछ अपने लिए लाया हूं...
शीशे की कब्र में दफ्न जैसे कोई राज़ हूं,
बरसों से अनसुना जैसे कोई साज़ हूं...
ज़िन्दगी का हाथ थाम कर अब चलने की गुज़ारिश है,
सपनों से तर आगे समंदर और बारिश है...
इक दिन समंदर और बारिश भी पार कर जाऊंगा,
सबकी नज़रें होगी मुझपे और मैं ज़िन्दगी गुलज़ार कर जाऊंगा....