sadde ishq da majak na bnaya kr,
roj teri yaad aundi
kdde tuvi aaya kr
ye dhokha dena de dss de sabi ….
ave najra naa churaya kr
sadde ishq da majak na bnaya kr,
roj teri yaad aundi
kdde tuvi aaya kr
ye dhokha dena de dss de sabi ….
ave najra naa churaya kr
इस जीवन से जुड़ा एक सवाल है हमारा~
क्या हमें फिर से कभी मिलेगा ये दोबारा?
समंदर में तैरती कश्ती को मिल जाता है किनारा~
क्या हम भी पा सकेंगे अपनी लक्ष्य का किनारा?
जिस तरह पत्तों का शाखा है जीवन भर का सहारा~
क्या उसी तरह मेरा भी होगा इस जहां में कोई प्यारा?
हम एक छोटी सी उदासी से पा लेते हैं डर का अंधियारा~
गरीब कैसे सैकड़ों गालियां खा कर भी कर लेतें है गुजारा ?
जिस तरह आसमान मे रह जाते सूरज और चांद-तारा ~
क्या उस तरह रह पाएगा हमारी दोस्ती का सहारा ?
जैसे हमेशा चलती रहती है नदियों का धारा~
क्या हम भी चल सकेंगे अपनी राह की धारा ?
Thoda pyaar doge mujhe toh tum par jaan luta dungi
kabhi galti se bhi do kadam jo peeche liye mujhse
teri kasam mai kabhi palat kar bhi nahi dekhungi
थोड़ा प्यार डोगे मुझे तो तुमपर जान लुटा दूंगी
कभी गलती से भी दो कदम जो पीछे लिए मुझसे
तेरी कसम मैं कभी पलट कर भी नही देखूंगी..