सफर वही तक जहाँ तक तुम हो,
नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो,
वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर,
खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो।
Enjoy Every Movement of life!
सफर वही तक जहाँ तक तुम हो,
नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो,
वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर,
खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो।
बेअसर हो रही सब दुआए मेरी
जिंदगी जाने क्या सिलसिला दिखा रही है ,
जिसके लिए मांगी खुदा से खुशिया
वो ही धीरे-धीरे दिल को जला रही है।
इंतज़ार किया घंटो उसका
क्या मालूम था वो किसी ओर से मिलके आ रही है ,
मिलने के बहाने ढूंढती थी जो बार बार
यार वो लड्की आँख मिलने से घबरा रहि रही है ।
