सफर वही तक जहाँ तक तुम हो,
नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो,
वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर,
खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो।
सफर वही तक जहाँ तक तुम हो,
नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो,
वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर,
खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो।
ek vaqt gujara use dekhe hue
jaane ab vo kaisee dikhatee hogee
kya ab bhee vaisee dikhatee hogee
haan haan kya pahale jaisee dikhatee hogee
jis aaine ko dekh vo sanvaaratee hogee
kya khoob usakee bhee kismat hogee
एक वक़्त गुजरा उसे देखे हुए
जाने अब वो कैसी दिखती होगी
क्या अब भी वैसी दिखती होगी
हाँ हाँ क्या पहले जैसी दिखती होगी
जिस आइने को देख वो संवारती होगी
क्या खूब उसकी भी किस्मत होगी
Bankar fakeer baitha tha jis bewafa ke khatir
Wahi aaye aur bole mursid dua kro mera yaar mil jaye💔
बनकर फकीर बैठा था जिस बेवफा के खातिर
वही आये और बोले मुर्शिद दुआ करो मेरा यार मिल जाये💔