सफर वही तक जहाँ तक तुम हो,
नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो,
वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर,
खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो।
Enjoy Every Movement of life!
सफर वही तक जहाँ तक तुम हो,
नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो,
वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर,
खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो।

क्यों सताते हो हमें बेगानो की तरह
कभी तो याद करो चाहने वालों की तरह
हम में थी कोई कमी जो आपको याद ना आये
आपमें थी कुछ बात जो हम आपको भुला ना पाए।❤️