
Sajjna de didar di saza e ehna akhiya nu..!!

Na taan tu pyar naal kade haal pucheya
Na hi mere hnjhuyan de karan da swaal pucheya
Ki samjhan mein fer dass..
Ke ki ehmiyat e teri zindagi vich meri💔..??
ਨਾ ਤਾਂ ਤੂੰ ਪਿਆਰ ਨਾਲ ਕਦੇ ਹਾਲ ਪੁੱਛਿਆ
ਨਾ ਹੀ ਮੇਰੇ ਹੰਝੂਆਂ ਦੇ ਕਾਰਨ ਦਾ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛਿਆ
ਕੀ ਸਮਝਾਂ ਮੈਂ ਫਿਰ ਦੱਸ..
ਕਿ ਕੀ ਅਹਿਮੀਅਤ ਏ ਤੇਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ ਮੇਰੀ💔..??
वो मेरे चर्चे गुफ्तगू के बहाने से सबसे करते हैं,
ये जान के भी हम इस बात से हर पल मरते हैं,
जिन अपनो को के लिए सीने में मोहब्बत थी,
उनके अब हम पास गुजरने से भी बहुत डरते हैं,
मुझे कैद करके कितना जीने दे सकोगे तुम भला,
देखो कितनी शिद्दत से हम मौत की दुआ पढ़ते हैं,
मेरी जान को गुनाहों से तौल कर क्या पा लोगे,
मेरे हर्फ़ के वजन से गुनाह अक्सर बदलते हैं ,
उर्दू का कोई शायर होता मैं लफ्ज़ संभाल लेता,
गोया अगर होते तो लफ्ज़ न गिरते, न इतना संभलते।