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sameh de rang

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Punjabi shayari ||Sameh de rang pehla jid c ohnu paun di te hun chahun di khahish v na rahi

Title: sameh de rang

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mehnat || hindi poetry || मेहनत पर कविता

आज गया  ऐसे ही
कल भी चला जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

दुःख है आज जिंदगी मे तेरे
कल सुख भी पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

साथी पहुंच जायेगे बहुत आगे 
तू पीछे ही रह जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

समय बितता जायेगा
तू सोचता ही रह जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

जिंदगी के सभी सपने
मेहनत से ही पुरे कर पायेगा 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

आज मेहनत करेगा तभी
कल मेहनत का  फल पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

जब शरीर मे जान ही नही बचेगी
तब क्या मेहनत करेगा
आज गया  समय ऐसे ही
 कल तो तू ही चले जायेगा 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

जब कुछ नही कर पायेगा तो
किस्मत को जिम्मेवार ठहरायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

मेहनत कर ऐ इंसान तू अब
कब तक ऐसे बैठे रहेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

गरीब है अगर तू आज
कल अमीर बन जायेगा| 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

कब तक  परिवारवालो की
मेहनत की रोटी तू खायेगा
एक दिन तू जरूर पछतायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

मेहनत कर ऐ इंसान
तू आगे ही बढ़ता जायेगा
दुनिया के नजरों मे एक दिन  
सफल इंसान बन जायेगा|

अब सुन ऐ इंसान एक बात आज
जब तक नही निकालेगा अपने
अंदर के आलस को तू बाहर
तब तक मेहनत करने से
कतरायेगा तू हर बार|

कामयाब वही होते है
जो कुछ कर दिखाते है
वरना सोचता तो हर इंसान है|
सोच मे तो ऐ इंसान तू बैठे-बैठे
 बडे बडे सपने देख लेता है
 जब मेहनत करने समय आता है
 तो सपनो को  दो मिनट मे तोड़ देता है|
सपने ऐसे देख जिसको तू पूरा कर सके
ऐसे सपने ही क्यों देखने जिनको
पाने की तू हिम्मत ही न रख सके |

कितने आये जिंदगी मे
ओर कितने चले गये
नाम उनका ही रहा
जो कुछ करके दिखा गये|

वो सोचते थे जो भी 
उसको पूरा करके दिखाते थे
उनका मुँह नही  बोलता था
काम बोलके दिखाता था |

मेहनत करके ऐ इंसान
जब तू इस जिंदगी से जायेगा
तेरा नाम रहेगा इस दुनिया मे
ओर तू अमर कहलायेगा.

Title: Mehnat || hindi poetry || मेहनत पर कविता


Ek anjana sakhsh || sad hindi shayari || best lines

Aaj labon tak aate aate jaam nashila foot gya!
Lagta hai jese hath kisi ka hath se mere shoot gya!
Kitni mannat mangi thi mene usko pane ki lekin!
Ek anjana sakhsh hi aakar usko mujse loot gya!!

आज लबों तक आते- आते जाम नशीला फूट गया!
लगता है जैसे हाथ किसी का हाथ से मेरे छूट गया!
कितनी मन्नत मांगी थी मैंने उसको पाने की लेकिन!
एक अनजाना शख्स ही आकर उसको मुझसे लूट गया!!

Title: Ek anjana sakhsh || sad hindi shayari || best lines