
na samne vale to jajhbaato ko bhi majaak bna dete hai

माना तुम्हे हर बार देखता हूं,
हर बार पहली बार देखता हूं,
देखता हूं तुम्हे जब जुल्फें संवरती हो तुम,
उन जुल्फों को आइना बनके हर बार देखता हूं,
आंखो में रातें और सुर्खी में ग़ुलाब जैसे,
मेरे हाथ खाली जाम तुम्हारे होंठो में शराब जैसे,
जैसे हर बार तुम्हारा वो ख़्वाब देखता हूं,
तुम्हारे हाथों में मेरा दिया वो ग़ुलाब देखता हूं,
वक्त हो तो आना कभी इक हसरत बाकी है,
तुम्हे हर बार की तरह पहली बार देखना बाकी है...
Na tu zindagi ch aunda
Na dard hunde
Na hanjhuya da bhaar hunda
Na dil Ronda mera
Na tere naal pyar hunda..!!
ਨਾ ਤੂੰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ‘ਚ ਆਉਂਦਾ
ਨਾ ਦਰਦ ਹੁੰਦੇ
ਨਾ ਹੰਝੂਆਂ ਦਾ ਭਾਰ ਹੁੰਦਾ
ਨਾ ਦਿਲ ਰੋਂਦਾ ਮੇਰਾ
ਨਾ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਹੁੰਦਾ..!!