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samjne wale to khamoshi || Life sayri

SAMJNE WALE TO KHAMOSHI || LIFE SAYRI
samjne vale to khamoshi bhi samajh lete hai
na samne vale to jajhbaato ko bhi majaak bna dete hai



Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Hindi Two Liners || best hindi 2 lines shayari

मांगने से पहले खुद को पूछो, क्या तुम रख पाओ गे।

चलने से पहले खुद को पूछो, कितना दूर जा पाओ गे।

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मन जिनके नियंत्रण में है, वो राजा से भी अमीर होते ।

जो अपने मन को नियंत्रण नहीं कर पाते, वो भिखारी से भी गरीब होते ।

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जो तुम्हे आता है, वो सीखो सही।

दूसरे को दूसरा कुछ आयेगा, लेकिन तुम रहना तुममे ही।

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बारिश निकलती है आँसू की तरह।

आसमान हल्का होता है, अंतरात्मा भी, महसूस करो जरा।

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दिमाग जिनके हाथ में है, उनके कोई हथियार नहीं चाहिए।

क्यूंकि वो सही समय पर दिमाग लगा पाते, उलटी सीधी बिना बताये।

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किसके अंदर क्या है, वो भगवान को भी नहीं पाता।

समय पर निकलता है वो, महाकाल बैठ के सुनता।

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मैं अपने स्थान पर सही।

कौन मुझसे आगे है और कौन पीछे, मुझे पाता नहीं।

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 कौन कहां पर रहता है, मुझे कैसे पाता।

मैं तो अपने में खुश, आज़ादी इसे कहता।

Title: Hindi Two Liners || best hindi 2 lines shayari


याद है ना तुम्हें || hindi poetry

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

तुम्हारे गुजरे पलों में बेशक मैं नहीं थी
तुम्हारे संग भविष्य की अपेक्षा भी नहीं थी
हां,वर्तमान के कुछ चंद क्षण
साझा करने की ख्वाहिश जरुर थी।

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

देखो, आज फिर उंगलियों ने मेरी
कलम उठाई है
कुछ अनसुनी भावनाओं को संग अपने
समेट लाई है
माना ,मेरे शब्दों ने आहत किया तुम्हें
लेकिन क्या,असल भाव को पहचाना तुमने?

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

उलझ गए तुम निरर्थक शब्दों में
पढ़ा नहीं जो लिखा है कोमल हृदय में
चल दिए छोड़ उसे, तुम अपनी अना में
बंधे थे हम तुम, जिस अनदेखे रिश्ते की डोर में

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

बीत गए कई बारिश के मौसम
क्या धुले नहीं, जमे धूल मन के?
है अर्जी मेरी चले आओ तुम
मेरे भीतर के तम को रोशनी दिखाओ तुम..

याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।

Title: याद है ना तुम्हें || hindi poetry