
Sajjna na akh bhari..!!
Jane-anjane ch tera dil dukhaya
Sanu maaf Kari..!!

ईद के ख़ास मौक़े पर कोई ख़ुदाई से मिले,
दुश्मन – दुश्मन से मिले भाई – भाई से मिले
दुनियां वालों तुम्हें क्यों जलन होती है अग़र,
मुस्लिम सीख़ से मिले या सीख़ ईसाई से मिले
उस बंटवारे को अल्लाह भी क़बूल नहीं कर्ता,
जो हिस्सा इंसानों को ख़ून की लड़ाई से मिले
ग़ले ज़रूर मिलो मग़र ग़ला काटने के लिए नहीं,
क़ल को क्या पता किसका वक़्त जा बुराई से मिले
ये शायर तेरा आशिक़ है एक ही बात कहता है
हमसे जब भी जो भी मिले दिल की गहराई से मिले
Na kahi chain hai, Na kahi karar hai
Bda bura rog ye, jiska naam pyar hai 💕
Lagi hai kisi apne ki nazar fakir
Is baar jism nhi, ye rooh bimar hai 🥀
ना कही चेन है,और ना कही क़रार है
बड़ा बुरा रोग ये,जिसका नाम प्यार है💕
लगी है किसी अपने की नजर फकीर
इस बार जिस्म नहीं, ये रूह बीमार है🥀