Chal aaja milde aa
sasti chaah te mehngiyaa yaada taaza karde aa
ਚੱਲ ਆਜਾ ਮਿਲਦੇ ਆ,
ਸਸਤੀ ਚਾਹ ‘ਤੇ ਮਹਿੰਗੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਤਾਜ਼ਾ ਕਰਦੇ ਆਂ
Chal aaja milde aa
sasti chaah te mehngiyaa yaada taaza karde aa
ਚੱਲ ਆਜਾ ਮਿਲਦੇ ਆ,
ਸਸਤੀ ਚਾਹ ‘ਤੇ ਮਹਿੰਗੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਤਾਜ਼ਾ ਕਰਦੇ ਆਂ
है इश्क़ तो फिर असर भी होगा
जितना है इधर उधर भी होगा
माना ये के दिल है उस का पत्थर
पत्थर में निहाँ शरर भी होगा
हँसने दे उसे लहद पे मेरी
इक दिन वही नौहा-गर भी होगा
नाला मेरा गर कोई शजर है
इक रोज़ ये बार-वर भी होगा
नादाँ न समझ जहान को घर
इस घर से कभी सफ़र भी होगा
मिट्टी का ही घर न होगा बर्बाद
मिट्टी तेरे तन का घर भी होगा
ज़ुल्फ़ों से जो उस की छाएगी रात
चेहरे से अयाँ क़मर भी होगा
गाली से न डर जो दें वो बोसा
है नफ़ा जहाँ ज़रर भी होगा
रखता है जो पाँव रख समझ कर
इस राह में नज़्र सर भी होगा
उस बज़्म की आरज़ू है बे-कार
हम सूँ का वहाँ गुज़र भी होगा
‘शहबाज़’ में ऐब ही नहीं कुल
एक आध कोई हुनर भी होगा
मैं बात कर के बात, बढ़ा रहा हूं
फोन से कुछ तस्वीरें,हटा रहा हूं
तेरा नाम याद रख सकूं,इसलिए
तेरे नाम के पासवर्ड लगा रहा हूं
मेरे बाद,है तेरा कोई एक रफ़िक
तुझसे पूछ नहीं रहा,बता रहा हूं
मेरी बात पर, यकीन नहीं है इसे
सोए एक शख्स को,जगा रहा हूं