
Duja naata sajjna ton tutte na
Teeja haase rehan naseeban ch
Chautha akh chon hnju futte na..!!

इक झील मिली है, एक झरने के बाद
बस कुछ ही दूर घर से,गुज़रने के बाद
ये समझा रहे हैं, की खतरा है मुझको
वो भी आधे से ज़्यादा, उतरने के बाद
फिर सूखी आंख लेकर,लौट आया मैं
अपने वही पे सारे आंसू,धरने के बाद
मेरे चार दर्द भी, ना संभाले गए उससे
ये झरना भर गया,आंसू भरने के बाद
अरे तुम भी कहां सुनोगे, बाते हमारी
हम भी समझे थे,इश्क़ करने के बाद
मेरी हिम्मत को,देखा कैसे जाए बोलो
लोग हमे भी डरा रहे हैं, डरने के बाद
के कुछ खड़े होते हैं कैसे, तनके देखो
मेरे सामने से मुंह पर, मुकरने के बाद
Shaam ek umar ki trah, dheere dheere dhal rahi hai
Kehne ko to khas nhi, zindagi fir bhi chal rahi hai
Behtreen lamho ko yaad kar, gamo ko bhulane ki chaht mein
Aaj ke din ko aur khatam kar, raat bhi nikal rahi hai…
शाम एक उर्म की तरह, धीरे धीरे ढल रही है..
कहने को तो खास नहीं, जिंदगी फिर भी चल रही है..
बेहतरीन लम्हों को याद कर, गमों को भुलाने की चाहत में..
आज के दिन को और खत्म कर, रात भी निकल रही है….