Oh chale gaye beparwah ho ke
Asi ikalle kehre injh reh gaye..!!
Oh aap ta sade hoye Na
Te sathon sanu vi kho k le gaye..!!
ਉਹ ਚਲੇ ਗਏ ਬੇਪਰਵਾਹ ਹੋ ਕੇ
ਅਸੀਂ ਇਕੱਲੇ ਕਹਿਰੇ ਇੰਝ ਰਹਿ ਗਏ..!!
ਉਹ ਆਪ ਤੇ ਸਾਡੇ ਹੋਏ ਨਾ
ਤੇ ਸਾਥੋਂ ਸਾਨੂੰ ਵੀ ਖੋਹ ਕੇ ਲੈ ਗਏ..!!
Oh chale gaye beparwah ho ke
Asi ikalle kehre injh reh gaye..!!
Oh aap ta sade hoye Na
Te sathon sanu vi kho k le gaye..!!
ਉਹ ਚਲੇ ਗਏ ਬੇਪਰਵਾਹ ਹੋ ਕੇ
ਅਸੀਂ ਇਕੱਲੇ ਕਹਿਰੇ ਇੰਝ ਰਹਿ ਗਏ..!!
ਉਹ ਆਪ ਤੇ ਸਾਡੇ ਹੋਏ ਨਾ
ਤੇ ਸਾਥੋਂ ਸਾਨੂੰ ਵੀ ਖੋਹ ਕੇ ਲੈ ਗਏ..!!
रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..
Kive kaha ohna pala di kahani mein
Jad dhrt-akash do roohan nu milaunda e..!!
Oh mulakat e ishq ruhaniyat di
Rabb aap miln jiwe aunda e..!!
ਕਿਵੇਂ ਕਹਾਂ ਉਹਨਾਂ ਪਲਾਂ ਦੀ ਕਹਾਣੀ ਮੈਂ
ਜਦ ਧਰਤ-ਅਕਾਸ਼ ਦੋ ਰੂਹਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਾਉਂਦਾ ਏ..!!
ਉਹ ਮੁਲਾਕਾਤ ਏ ਇਸ਼ਕ ਰੂਹਾਨੀਅਤ ਦੀ
ਰੱਬ ਆਪ ਮਿਲਣ ਜਿਵੇਂ ਆਉਂਦਾ ਏ..!!