Enjoy Every Movement of life!
थक गए हैं मंजिल को मंजिल करते करते,
रास्तों के सारे रास्ते भी बंद हैं...
आगे बढ़ाया है एक कदम डरते डरते,
कदमों से रास्ते भी तो तंग हैं...
मसलन आगे न रुक जाऊं चलते चलते,
सुना है रास्तों में बहुत तंज है...
चलो वापस घर चले सांस भरते भरते,
याद आया,
रास्तों के सारे रास्ते भी बंद है...
Har roj talashti hu khud ko
Hu shayad mein bhi yahi kahi
Milu gum shayad kisi khayal mein
Khojti hu khud ko khud hi ke swaal mein 🥀
हर रोज तलाशती हू खुद को ,
हू शायद मैं भी यहीं कहीं,
मिलु गुम शायद किसी ख्याल में,
खोजती हु खुद को खुदी के सवाल में,🥀
