sawan aaya hai || hindi song || hindi shayari
yaha tera hi nasha mozud tha har taraf
dil guzra mera us daur se..!!
badal barse yun sawan mein jhumte hue
ke teri yaadon ne gher liya charo or se..!!
sawan aaya hai || hindi song || hindi shayari
yaha tera hi nasha mozud tha har taraf
dil guzra mera us daur se..!!
badal barse yun sawan mein jhumte hue
ke teri yaadon ne gher liya charo or se..!!
यह अधूरा इश्क कब पूरा होगा
होगा भी जा अधूरा रहेगा
ना तुम आए ना पैगाम आया
तुम्हरे पैगाम का कब तक
इंतजार रहेगा
कौन सी जगह है वोह
जहा पर वोह सो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम गलियों मै देख आए
ना गलियों मै वोह मिला
हम बात उसकी कर रहे
हमें छोड़ कर जो गया
नाजने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम पहचान बताते हैं उसकी
सफेद रंग और काले घने बाल है।
कहां रहते हैं वोह कोनसे गांव और शहर में
एकेले थे जा कोई नाल है।
काले रंग की पेंट और कमीज़ पहनते है।
एक हाथ मै डायरी और एक हाथ
मे कलम पकड़ कर रखते हैं।
उनकी चाहत सबसे ज्यादा डायरी से
और वोह डायरी को
सिने से जकड़ कर रखते है।
उनका नाम है हर्ष
जो शायरी करते थे
अब तो नाम उनका गुमनाम सा हो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया।
Tenu chubde mere lafz ne eh pta e menu..!!
Taan hi chup rehnde haan
Ke mera bhuta bolna pasand nahi tenu..!!
ਤੈਨੂੰ ਚੁੱਭਦੇ ਮੇਰੇ ਲਫ਼ਜ਼ ਨੇ ਇਹ ਪਤਾ ਏ ਮੈਨੂੰ ..!!
ਤਾਂ ਹੀ ਚੁੱਪ ਰਹਿੰਦੇ ਹਾਂ
ਕਿ ਮੇਰਾ ਬਹੁਤਾ ਬੋਲਣਾ ਪਸੰਦ ਨਹੀਂ ਤੈਨੂੰ..!!