Sochya ni c ke inni chetti sbb khtm hoju
Dil de armaan tere naal rehn de inj dafn hoju….
Sochya ni c ke inni chetti sbb khtm hoju
Dil de armaan tere naal rehn de inj dafn hoju….
हर वक्त एक अंजान साया सा, मेरे पास घूमता रहता है..
मेरे दिल से जुडा है वो शायद, मेरी रूह चूमता रहता है..
बताता नहीं है मुझको कुछ, और ना मुझसे कुछ कहता है..
मेरी मर्जी हो या ना हो मगर, शागिर्द बना वो रहता है..
दिन और रात वो बस मेरे, आगोश में पलता रहता है..
मैं चाहुं या फिर ना चाहुं, मेरे साथ वो चलता रहता है..
हर खुशी बांटता है मेरी, हर गम मेरे संग सेहता है..
आखिर साया है ये किसका, ये सवाल जहन में रहता है..
Ek saksh hai
vahi laksh hai
jise paana hai maine
woh mera aksh hai
ਏਕ ਸਕਸ਼ ਹੈ,
ਵਹੀ ਲਕਸ਼ ਹੈ,
ਜਿਸੈ ਪਾਨਾ ਹੈ ਮੈਨੇ,
ਵੋਹ ਮੇਰਾ ਅਕਸ਼ ਹੈ,