
zaher kare taan dass jayi
Meri trah tere layi pagl ho koi
shayar bane taan dass jayi..!!

पाव उठाऊ तो हर कदम पे एक दरिया जकड़ लेता है
गिराकर मुझे हरबार हवाओं से मिलकर अकड़ लेता है,
छोड़ दूं मुठ्ठी भर सपने मैं बुजदिल नही,
मान जाए तन मेरा पर मेरा दिल नहीं,
हर मोड़ पर मुझे ऐसे ही सताएंगे,
गिराकर मुझे खुद मुस्कुराएंगे,
तुम्हारे लिए मैं पहला नहीं हूं,
सुनो,
बहुत हिम्मत है मुझमें मैं अकेला नहीं हूं...
Itni rehmat de di tumhen,
Ki kismat bhi sharma jae,
Ab itna pyaar denge,
Ke tum bhi sharma jao😍🙈
इतनी रहमत दे दी तुम्हें
कि किस्मत भी शर्मा जाए
अब इतना प्यार देंगे
कि तुम भी शर्मा जाओ😍🙈