उसको भी दर्द है मुझसे बिछुड़ने का ,उसके दोस्त कह रहे थे
अभी कल ही तो देखा उसको बहुत खुश थी दोस्तों संग महफ़िल में
उसको भी दर्द है मुझसे बिछुड़ने का ,उसके दोस्त कह रहे थे
अभी कल ही तो देखा उसको बहुत खुश थी दोस्तों संग महफ़िल में
Tere vich mera sabh disda
Dekhi jawan sahwein baith ke
Tere mukhde chon rabb disda🙇🏻♀️..!!
ਤੇਰੇ ਵਿੱਚ ਮੇਰਾ ਸਭ ਦਿਸਦਾ
ਦੇਖੀਂ ਜਾਵਾਂ ਸਾਹਵੇਂ ਬੈਠ ਕੇ
ਤੇਰੇ ਮੁੱਖੜੇ ਚੋਂ ਰੱਬ ਦਿਸਦਾ🙇🏻♀️..!!
कड़ी धूप हो या हो शीतकाल,
हल चलाकर न होता बेहाल.
रिमझिम करता होगा सवेरा,
इसी आस में न रोकता चाल.
खेती बाड़ी में जुटाता ईमान,
महान पुरूष हैं, है वो किसान.
छोटे-छोटे से बीज बोता,
वही एक बड़ा खेत होता.
जिसकी दरकार होती उसे,
बोकर उसे वह तभी सोता.
खेतो का कण-कण हैं जिसकी जान,
महान पुरूष है, है वो किसान.
तरुण चौधरी