शायरी लिखना उन्होंने शुरू किया,
हमें तो कविताओं का शौक था।
कलाकार वो खुद को कहते थे,
हमे तो उनकी कलाओं का शौक था
Enjoy Every Movement of life!
शायरी लिखना उन्होंने शुरू किया,
हमें तो कविताओं का शौक था।
कलाकार वो खुद को कहते थे,
हमे तो उनकी कलाओं का शौक था
एक उमीद सी बाकी है अब भी, कि शाइद तुम लोट आओगे॥
कि तुम फिर से मुझे आकर सीने से लगाओ गे,
लेकर मेरे आँसू ,मुझे हँसना सिखाओगे,
कि शाइद तुम फिरसे ,मुझे अपना बनालोगे॥
कि शाइद तुम लोट आओगे,
एक उमीद सी बाकी है अब भी ,शाइद तुम लोट आओगे॥❣️
