शायरी लिखना उन्होंने शुरू किया,
हमें तो कविताओं का शौक था।
कलाकार वो खुद को कहते थे,
हमे तो उनकी कलाओं का शौक था
Enjoy Every Movement of life!
शायरी लिखना उन्होंने शुरू किया,
हमें तो कविताओं का शौक था।
कलाकार वो खुद को कहते थे,
हमे तो उनकी कलाओं का शौक था
मेरे आँखों के ख्वाब, दिल के अरमान हो तुम,
तुम से ही तो मैं हूँ, मेरी पहचान हो तुम,
मैं ज़मीन हूँ अगर तो मेरे आसमान हो तुम,
सच मानो मेरे लिए तो सारा जहान हो तुम।
