Udh rahe kabootar shehar me
enhe shant kaun karega
yadi ham shareef ho gaye
to kaandd kaon karega
उड़ रहे कबूतर शहर में,
इन्हे शांत कौन करेगा;
यदि हम शरीफ हो गए,
तो कांड कौन करेगा।
Udh rahe kabootar shehar me
enhe shant kaun karega
yadi ham shareef ho gaye
to kaandd kaon karega
उड़ रहे कबूतर शहर में,
इन्हे शांत कौन करेगा;
यदि हम शरीफ हो गए,
तो कांड कौन करेगा।
हर जंग उम्मीद के दीये से ही लड़ी जाती है,
हर सिपाही यही सोचकर रणभूमि में उतरता है
कि विजयी होकर अपनों के बीच लौटेगा।
मगर जंग तो जंग है,
किसी को हारना ही पड़ता है,
किसी को घर छोड़ना ही पड़ता है।
और जो जीतते हैं,
वो भी कुछ खोकर ही जीत हासिल करते हैं।
यही हर जंग का आधार है, और ज़िन्दगी का सार भी है। 🌸
हर सिपाही यही सोचकर रणभूमि में उतरता है
कि विजयी होकर अपनों के बीच लौटेगा।
मगर जंग तो जंग है,
किसी को हारना ही पड़ता है,
किसी को घर छोड़ना ही पड़ता है।
और जो जीतते हैं,
वो भी कुछ खोकर ही जीत हासिल करते हैं।
यही हर जंग का आधार है, और ज़िन्दगी का सार भी है। 🌸” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp
Jithe mildi naa rooh othe hath v milaayiye na
mile na jithe ijjat othe sir v jhukaiye na
jithe hundi kadar pyar di othe has ke jaan vaaridi
O eve kauli chatt pichhe lag yaara nu bhulaiye na
ਜਿੱਥੇ ਮਿਲਦੀ ਨਾ ਰੂਹ ਓਥੇ ਹੱਥ ਵੀ ਮਿਲਾਈਏ ਨਾ…
ਮਿਲੇ ਨਾ ਜਿੱਥੇ ਇੱਜ਼ਤ ਓਥੇ ਸਿਰ ਵੀ ਝੁਕਾਈਏ ਨਾ…
ਜਿੱਥੇ ਹੁੰਦੀ ਕਦਰ ਪਿਆਰ ਦੀ ਓਥੇ ਹੱਸ ਕੇ ਜਾਨ ਵਾਰੀਦੀ
ਓ ਐਵੇਂ ਕੌਲੀ ਚੱਟ ਪਿੱਛੇ ਲੱਗ ਯਾਰਾਂ ਨੂੰ ਭੁਲਾਈਏ ਨਾ…
ਸੁਖਮਨ ਸਵੈਚ✍