Udh rahe kabootar shehar me
enhe shant kaun karega
yadi ham shareef ho gaye
to kaandd kaon karega
उड़ रहे कबूतर शहर में,
इन्हे शांत कौन करेगा;
यदि हम शरीफ हो गए,
तो कांड कौन करेगा।
Udh rahe kabootar shehar me
enhe shant kaun karega
yadi ham shareef ho gaye
to kaandd kaon karega
उड़ रहे कबूतर शहर में,
इन्हे शांत कौन करेगा;
यदि हम शरीफ हो गए,
तो कांड कौन करेगा।
जो तुम आ जाते एक बार कितनी करूणा कितने संदेश पथ में बिछ जाते बन पराग गाता प्राणों का तार तार अनुराग भरा उन्माद राग आँसू लेते वे पथ पखार जो तुम आ जाते एक बार हँस उठते पल में आर्द्र नयन धुल जाता होठों से विषाद छा जाता जीवन में बसंत लुट जाता चिर संचित विराग आँखें देतीं सर्वस्व वार जो तुम आ जाते एक बार
Mein pyar behisaab kar baitha ohnu
Bhawein ohde layi mein ohda sirf dost haan❤
ਮੈਂ ਪਿਆਰ ਬੇਹਿਸਾਬ ਕਰ ਬੈਠਾ ਉਹਨੂੰ
ਭਾਂਵੇਂ ਉਹਦੇ ਲਈ ਮੈਂ ਉਹਦਾ ਸਿਰਫ ਦੋਸਤ ਹਾਂ❤