शिद्दत से चाहा जिसे वो एक हसीन नगमा हो तुम, मोहब्बत तो छोटी चीज है मेरे लिए खुदा का करिश्मा हो तुम
शिद्दत से चाहा जिसे वो एक हसीन नगमा हो तुम, मोहब्बत तो छोटी चीज है मेरे लिए खुदा का करिश्मा हो तुम

Bhej da haan me sunehe
roj tareyaan de hathi
pata hunda tainu
je kade tu v raati uth ke
tareyaan nu takeyaa hunda
अंकुर मिट्टी में सोया था सपने मै खोया था
नन्हा बीज हवा ने लाकर एक जगह बोया था।
तभी बीज ने ली अंगड़ाई देह जरा सी पाई
आंख खोलकर बाहर आया, दुनिया पड़ी दिखाई
खाद्य मिली पानी भी पाया ऐसे जीवन आया
ऊपर बड़ा इधर, धरती में नीचे उधर समाया।
तने डालिया पत्ते आए और फल मुस्कराए
नन्हा बीज वृक्ष बनकर धरती पर लहराए।
जीता मरता रोगी होता दुख आने पर सोता
वृक्ष सांस लेता बढ़ता है जगता है फिर सोता।
रोज शाम को चिड़िया आती सारी रात बिताती
बड़े सवेरे जाग वृक्ष, पर ची ची ची ची गाती।
छाया आती बड़ी सुआती सब टोली झूट जाती
तरह तरह के खेल वर्क्ष के नीचे बैठ रचती।