शिद्दत से चाहा जिसे वो एक हसीन नगमा हो तुम, मोहब्बत तो छोटी चीज है मेरे लिए खुदा का करिश्मा हो तुम
शिद्दत से चाहा जिसे वो एक हसीन नगमा हो तुम, मोहब्बत तो छोटी चीज है मेरे लिए खुदा का करिश्मा हो तुम
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।
jithe dil ton lagiyaa hon
othe kujh lukoeyaa na karo
haase wandeyaa karo janab khoeya na karo
ਜਿੱਥੇ ਦਿਲ ❤ ਤੋ ਲੱਗੀਆਂ ਹੋਣ
ਉੱਥੇ ਕੁੱਝ ਲੁਕੋਇਆ ਨਾ ਕਰੋ,
“ਹਾਸੇ ਵੰਡਿਆ ਕਰੋ ਜਨਾਬ ਖੋਹਿਆ ਨਾ ਕਰੋ”