शुरु हुआ है सफर अभी, शायद कुछ समझ ना आएगा
फिर जी चाहेगा लौट चलो, पर तुझे तेरा सपना याद आएगा
जो एक बार तूने ठान लिया, तो ये हालात क्या कर पायेगा
अब करनी है मेहनत तुझको, जो चाहा वो मिल जायेगा
शुरु हुआ है सफर अभी, शायद कुछ समझ ना आएगा
फिर जी चाहेगा लौट चलो, पर तुझे तेरा सपना याद आएगा
जो एक बार तूने ठान लिया, तो ये हालात क्या कर पायेगा
अब करनी है मेहनत तुझको, जो चाहा वो मिल जायेगा
Mita do naam tak mera kitab-e-zindagi se tum
Magar pal-pal rulayegi… satayegi kami meri
मिटा दो नाम तक मेरा किताब-ए-ज़िन्दगी से तुम,
मगर पल-पल रुलाएगी… सताएगी कमी मेरी।
Manaya hai kisi ko ansu unse cheen kar
Matt hi puchiye roothna kise kehte hain..!!
Mohobbat ki raahon pe bikhre pde hain sahib
Humse na puchiye ye tutna kise kehte hain..!!
मनाया है किसीको आँसू उनके छीन कर
मत ही पूछिये रूठना किसे कहते हैं..!!
मोहोब्बत की राहों में बिखरे पड़े हैं साहिब
हमसे न पूछिये ये टूटना किसे कहते हैं..!!