शुरु हुआ है सफर अभी, शायद कुछ समझ ना आएगा
फिर जी चाहेगा लौट चलो, पर तुझे तेरा सपना याद आएगा
जो एक बार तूने ठान लिया, तो ये हालात क्या कर पायेगा
अब करनी है मेहनत तुझको, जो चाहा वो मिल जायेगा
शुरु हुआ है सफर अभी, शायद कुछ समझ ना आएगा
फिर जी चाहेगा लौट चलो, पर तुझे तेरा सपना याद आएगा
जो एक बार तूने ठान लिया, तो ये हालात क्या कर पायेगा
अब करनी है मेहनत तुझको, जो चाहा वो मिल जायेगा
मैं तुम्हे तुमसे ज्यादा जानता हूं,
मैं तुम्हारे दिल का हर किनारा जानता हूं,
जो कहते नहीं वो आंखों से बता देते हो,
मैं तुम्हारी नजरों का हर इशारा जानता हूं
जानता हूं हाथ थाम कर चलना पसंद है तुम्हे,
फिर कांधे में सिर रखकर बैठना पसंद है तुम्हे,
पानी में लिखकर नाम अक्सर मिटा देते हो,
मेरे साथ रहने का तुम्हारा हर बहाना जानता हूं,
मैं तुम्हारे दिल का हर किनारा जनता हूं...
Ta umr nhi thehrti mohabbat
Is qadar na dil lagaya karo
Kuch behtar hi likha hoga khuda ne in lakiron mein
Na is qadar khud ko azmaya karo