ਸਿਰਫ ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ ਚਾਹਤ ਵਿੱਚ
ਮੋਮ ਦੀ ਤਰਾਂ ਪਿਗਲ ਦੀ ਰਹੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
ਹਥੋਂ ਫਿਸਲ ਦੀ ਰਹੀ ਏ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
Sirf tainu paun di chahat vich
mom di tarah pigal di rahi zindagi
hathon fisal di rahi e zindagi
ਸਿਰਫ ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ ਚਾਹਤ ਵਿੱਚ
ਮੋਮ ਦੀ ਤਰਾਂ ਪਿਗਲ ਦੀ ਰਹੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
ਹਥੋਂ ਫਿਸਲ ਦੀ ਰਹੀ ਏ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
Sirf tainu paun di chahat vich
mom di tarah pigal di rahi zindagi
hathon fisal di rahi e zindagi
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…
Kinni chahat c tere lai es dil vich
tu jaan na saki
tadapda reha dil mera, teri judai vich
par tu jaan na saki
ਕਿੰਨੀ ਚਾਹਤ ਸੀ ਤੇਰੇ ਲਈ ਇਸ ਦਿਲ ❤ ਵਿੱਚ
ਤੂੰ ਜਾਣ ਨਾ ਸਕੀ
ਤੜਫਦਾ ਰਿਹਾ ਦਿਲ ਮੇਰਾ ਤੇਰੀ ਜੁਦਾਈ ਵਿੱਚ
ਪਰ ਤੁੰ ਜਾਣ ਨਾ ਸਕੀ😥😥 #GG