ਸਿਰਫ ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ ਚਾਹਤ ਵਿੱਚ
ਮੋਮ ਦੀ ਤਰਾਂ ਪਿਗਲ ਦੀ ਰਹੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
ਹਥੋਂ ਫਿਸਲ ਦੀ ਰਹੀ ਏ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
Sirf tainu paun di chahat vich
mom di tarah pigal di rahi zindagi
hathon fisal di rahi e zindagi
ਸਿਰਫ ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ ਚਾਹਤ ਵਿੱਚ
ਮੋਮ ਦੀ ਤਰਾਂ ਪਿਗਲ ਦੀ ਰਹੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
ਹਥੋਂ ਫਿਸਲ ਦੀ ਰਹੀ ਏ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
Sirf tainu paun di chahat vich
mom di tarah pigal di rahi zindagi
hathon fisal di rahi e zindagi
हर दौर ने थोड़ा सा बदला है हमको
हम तुझसे पहले कुछ और थे तेरे बाद कुछ और है
खैर मिलना बिछड़ना तो अब बेकार की बाते है
जिस से तू मिली थी वो और था अब हम और है
रात को रात, सुबह को सुबह लिखते हो
अच्छे को अच्छा बुरे को,बुरा लिखते हो
तुम्हें तो आदत है,दर्द को दर्द लिखने की
मतलब हम से बिल्कुल,जुदा लिखते हो
खुदा को तो, कभी लिखा ही नहीं तुमने
पत्थर को बना के मूरत,खुदा लिखते हो
तुम तो दुश्मनी में भी, करते हो व्यापार
बनकर हक़िम,ज़हर की दवा लिखते हो
बो तो लिख देता है,बेवफ़ाई को मज़बूरी
भैरव क्यूं बेवफ़ा को, बेवफ़ा लिखते हो