jab tak na lage bevaphaee kee thokar,
har kisee ko apanee pasand pe naajh hota hai..
जब तक ना लगे बेवफाई की ठोकर,
हर किसी को अपनी पसंद पे नाझ होता है..
jab tak na lage bevaphaee kee thokar,
har kisee ko apanee pasand pe naajh hota hai..
जब तक ना लगे बेवफाई की ठोकर,
हर किसी को अपनी पसंद पे नाझ होता है..
ख़िज़ाँ का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम
किसे ख़बर थी बिछड़कर न मिल सकेंगे कभी
न ख़त्म होगा तेरे इन्तिज़ार का मौसम
ग़रज़ का दौर है सबको हैं अपनी अपनी धुन
किसी को रास न आया पुकार का मौसम
ढला है हुस्न तो मशहूर बेवफ़ाई हुई
गुज़र गया है तेरे इन्तिज़ार का मौसम
उड़ाए फिरती है आवारगी की आंधी हमें
हमें नसीब कहाँ ज़ुल्फ़-ए- यार का मौसम
बुझे हैं रेख़्ता हम तो बुझे नज़ारे हैं
उदास उदास लगा हुस्न -ए- यार का मौसम
Shad duniya jhamele challe shehar-e-mohobbat😘
Pawan manzila layi ikko bedi ch swar hoye🤗..!!
Bhull sabna di hasti shad sabna da darr😇
Mein te mere sajjan asi ishq ch udaar hoye😍..!!
ਛੱਡ ਦੁਨੀਆਂ ਝਮੇਲੇ ਚੱਲੇ ਸ਼ਹਿਰ-ਏ-ਮੋਹੁੱਬਤ😘
ਪਾਵਣ ਮੰਜ਼ਿਲਾਂ ਲਈ ਇੱਕੋ ਬੇੜੀ ‘ਚ ਸਵਾਰ ਹੋਏ🤗..!!
ਭੁੱਲ ਸਭਨਾ ਦੀ ਹਸਤੀ ਛੱਡ ਸਭਨਾ ਦਾ ਡਰ😇
ਮੈਂ ਤੇ ਮੇਰੇ ਸੱਜਣ ਅਸੀਂ ਇਸ਼ਕ ‘ਚ ਉਡਾਰ ਹੋਏ😍..!!